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'नाजायज है शेविंग कराना और दाढ़ी कटवाना'

Thu, 06 Aug 2015 12:06 PM IST
Updated Thu, 06 Aug 2015 12:06 PM IST
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shaving is impermissible in islam, says darul uloom deoband

विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम के मुफ्तियों ने दाढ़ी कटवाने और शेविंग को नाजायज और गैर शरई बताया है। एक सैलून संचालक ने मुफ्तियों से इस संबंध में फतवा मांगा था, जिस पर मुफ्तियों ने शरीयत की रोशनी में इसे नाजायज करार दिया है।

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फतवा मिलने के बाद सैलून संचालक ने उसे फ्लैक्स का रूप देकर दुकान के बाहर लगा दिया है। यह फतवा सोशल मीडिया पर भी तेजी के साथ शेयर किया जा रहा है।

शेविंग करने और उससे होने वाली कमाई के बारे में शरीयत में क्या हुक्म दिया गया है? फ्रेंड्स हेयर सैलून चलाने वाले मोहल्ला बड़जियाउलहक निवासी मो. इरशाद और मो. फुरकान ने सबसे बड़े दीनी इदारे दारुल उलूम के मुफ्तियों से इस संबंध में फतवा मांगा था।

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दाढ़ी काटने वाले हज्जाम की कमाई भी नाजायज

shaving is impermissible in islam, says darul uloom deoband

फतवा विभाग की खंडपीठ में शामिल मुफ्ती वकार अली, मुफ्ती जैनुल कासमी और मुफ्ती फखरुल इस्लाम ने जवाब में कहा कि इस्लाम धर्म में दाढ़ी कटवाने को बड़ा गुनाह माना गया है। यही नहीं फतवे में दाढ़ी काटने वाले हज्जाम की कमाई को भी नाजायज बताया गया है।

आगे कहा गया है कि शेविंग मुसलमान की बनाई जाए या गैर मुस्लिम की, दोनों के लिए शरीयत का एक ही हुक्म है, इसलिए शेविंग करने से बचना चाहिए।

मुफ्तियों ने नसीहत देते हुए कहा कि हजामत का पेशा करने वालों को चाहिए कि वह जायज तरीके से रोजी कमाने की कोशिश करें। शेविंग को लेकर दिया गया फतवा जहां नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, इस फतवे को सोशल मीडिया पर भी तेजी के साथ शेयर किया जा रहा है।

भविष्य में किसी की शेविंग नहीं बनाऊंगा: इरशाद

shaving is impermissible in islam, says darul uloom deoband

शेविंग बनाने को लेकर दारुल उलूम से फतवा लेने वाले मो. इरशाद ने जहां फतवे को फ्लैक्स का रूप देकर उसे दुकान के बाहर लगाकर अनोखी मिसाल पेश की है।

वहीं, उसने भविष्य में सैलून पर कभी किसी की शेविंग न किए जाने का निर्णय भी लिया है। इरशाद का कहना है कि वह केवल बाल काटने और खत बनाने का काम ही करेगा।

यह फतवा सोशल मीडिया पर भी तेजी के साथ शेयर किया जा रहा है।

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