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थरूर ने खोली भारत की बदहाल शिक्षा की पोल
सचिन/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 21 Mar 2015 07:44 PM IST
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पूर्व केंद्रीय मानव ससांधन राज्य मंत्री और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने देश की बदहाल शिक्षा की पोल खोल दी है। पहली बार किसी नेता ने खुले तौर शिक्षा की बदहाली की पोल खोली है।
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सांसद कोटे के जरिए केंद्रीय विद्यालयों में होने वाले एडमिशन को लेकर सवाल उठाए हैं। शशि थरूर ने सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर लिखा है कि मेरे संसदीय कार्यालय के अंदर केंद्रीय विद्यालयों में सांसद कोटे से होने वाले एडमिशन के लिए लगातार पत्र आते ही जा रहे हैं।
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थरूर ने लिखा कि एक सांसद अपने कोटे से सिर्फ 6 एडमिशन ही करवा सकता है। पर अभी तक उनके कार्यालय में 279 लोग केंद्रीय विद्यालय में अपने बच्चों के एडमिशन करवाने के लिए पत्र लिख चुके हैं। लोगों की तरफ से केंद्रीय विद्यालय में बच्चों के एडमिशन के लिए लगातार अभी भी पत्र आते जा रहे हैं।
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उन्होंने लिखा कि यह बताता है कि भारत के लोग कम पैसे में अच्छी शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। पर समस्या यह है कि भारत में कम पैसे में अच्छी शिक्षा नहीं मिल रही है और अच्छी शिक्षा को लोग अपने बच्चों को दे नहीं पा रहे हैं।
कांग्रेस सांसद का यह ट्वीट वर्तमान मोदी सरकार के साथ-साथ पिछले 10 वर्षों तक सत्ता में रही यूपीए सरकार की शिक्षा प्रणाली पर प्रश्न उठाता है कि आखिर भारत में अच्छी शिक्षा इतनी महंगी क्यों है?
My MP Office is overflowing w/KendriyaVidyalaya supplicants: for my 6 seats under the MP quota,I have 279 requests so far, &they keep coming
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) March 21, 2015
This confirm India's public clamour for good affordable education. Problem: affordable education isn't good &good education isn't affordable
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) March 21, 2015