शशि देशपांडे ने दिया साहित्य अकादमी से इस्तीफा
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प्रसिद्घ लेखिका और उपन्यासकार शशि देशपांडे ने भारतीय साहित्य अकादमी की गर्वनिंग काउंसिल से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि बीते दिनों हुई प्रसिद्घ कन्नड़ लेखक एम.एम कलबर्गी की हत्या के मामले में संगठन की चुप्पी से आहत देशपांडे ने यह कदम उठाया है। इस संबध में उन्होंने अकादमी को पत्र लिखकर इस्तीफे की जानकारी दी।
अकादमी को लिखे पत्र में देशपांडे ने कहा है कि कन्नड़ लेखक जैसे विद्घान व्यक्ति ने साहित्य के क्षेत्र में बड़ा योगदान दिया और समाज हित में और बच्चों के लिए कई किताबें लिखीं। लेकिन उनकी हत्या के बाद अकादमी के रवैये और उदासीनता से वे आहत हैं।
मोदी सरकार की विफलता
पत्र में उन्होंने लिखा है कि कलबुर्गी की हत्या का विरोध करने में अकादमी पूरी तरह से फेल हुई है। आपको बता दें कि प्रसिद्घ उपन्यासकार शशि देशपांडे को 1990 में उनके उपन्यास 'लंबी चुप्पी' के लिए साहित्य अकादमी अवार्ड और वर्ष 2009 में पद्मश्री अवार्ड से भी नवाजा गया।
उल्लेखनीय है कि अभी हाल ही में प्रसिद्घ लेखक व पूर्व प्रधानमंत्री प.जवाहरलाल नेहरू की भतीजी नयनतारा सहगल ने अपना साहित्य आकदमी अवार्ड वापस लौटा दिया था। सांस्कृतिक विविधताओं की सुरक्षा करने में विफल हो रही पीएम मोदी सरकार के विरोध में उन्होंने यह पुरस्कार लौटाया।