बोली शरद की बेटी, 'सांवली होती तो न मिलता अच्छा पति'
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शरद यादव के संसद में सांवली महिलाओं पर दिए बयान पर बेशक देशभर में हो हल्ला मचा हो लेकिन उनकी बेटी को उसमें कुछ भी गलत नहीं दिखता।
पिता के बयान को सही ठहराते हुए उनकी बेटी सुभाषिनी बुंदेला ने यह कहकर अपने उनका बचाव किया कि अगर उनका रंग भी सांवला होता तो उन्हें अच्छा जीवन साथी मिलना मुश्किल हो जाता।
अंग्रेजी न्यूज चैनल हेडलाइंस टूडे से बातचीत में सुभाषिनी ने कहा कि समाज में सांवले रंग को लेकर अभी भी विरोधाभास है जबकि काफी सफल लोग सांवले रंग के ही हुए हैं।
नृत्य से शरीर की बढ़ती है सुंदरता
उन्होंने मार्टिन लूथर किंग जूनियर, महात्मा गांधी और सरोजिनी नायडू का उदाहरण देकर कहा कि यह सभी लोग सांवले रंग के थे लेकिन इनकी उपलब्धियां आज दुनिया मानती है।
सुभाषिनी ने पिता के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने साउथ की महिलाओं के संबंध में कहा था कि वो सांवले रंग की होती हैं लेकिन वो नृत्य अच्छा जानती हैं इसलिए उनकी शारीरिक बनावट सुंदर होती है।
मैं भी खुद एक ओडिशी नृत्यांगना रहीं हूं और उस दौरान मेरी बॉडी भी काफी शेप में रहती थी, इसलिए नृत्य का महत्व मैं अच्छी तरह से समझती हूं। हेमा मालिनी और सोनल मान सिंह नृत्य के कारण आज भी काफी फिट और सुंदर दिखती हैं।
यह कहा था शरद यादव ने
वहीं इससे पहले लोकसभा में दक्षिण की महिलाओं पर लगातार बयान देकर वरिष्ठ नेता और जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
एक चर्चा के दौरान उन्होंने साउथ की महिलाओं का जिक्र करते हुए कहा था कि वो सांवले रंग की होती हैं, इसी दौरान उन्होंने महिलाओं की शारीरिक बनावट को लेकर हाथ से कुछ इशारे करने का प्रयास किया जिसको लेकर काफी आपत्ति जताई गई। इस मुद्दे पर सोमवार को भी संसद में काफी हंगामा रहा।
केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने शरद यादव से मामले में माफी मांगने की मांग की तो यादव इस पर भड़क गए, उन्होंने ईरानी को यहां तक कह दिया कि मैं जानता हूं....तुम कौन हो। इस पर सभी महिला सांसदों ने एकजुट होकर शरद यादव की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए उनका विरोध कर दिया था।
हालांकि सारे बवाल के बावजूद शरद यादव ने किसी तरह की माफी और खेद जताने से इंकार कर दिया था। उन्होंने इस मामले पर संसद में बहस कराने तक की मांग कर दी थी। जिसे सभापति ने खारिज कर दिया था।