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'सांवले रंग' पर अड़े शरद, दी बहस की चुनौती

Mon, 16 Mar 2015 03:32 PM IST
Updated Mon, 16 Mar 2015 03:32 PM IST
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sharad yadav comment on south indian women

दक्षिण भारत की महिलाओं के सांवले रंग पर टिप्पणी कर विवादों में आए जदयू अध्यक्ष शरद यादव अपने बयान से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। संसद परिसर में अपने बयान के बचाव में उन्होंने कहा है कि 'सांवला' कहकर उन्होंने कोई गलती नहीं की है।

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शरद ने अपने बयान की सफाई में बॉलीवुड फिल्म बंदिनी के मशहूर गीत 'मेरा गोरा रंग लेले, श्याम रंग देदे' का जिक्र करते हुए कहा, 'मेरा गोरा रंग लेले, श्याम रंग देदे। ये गाना क्यों हैं। मैंने जो कहा है क्या वह गलत था?'
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सोमवार को राज्यसभा में शरद यादव के बयान का मामला दोबारा उठा। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि दक्षिण भारतीय महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले शरद यादव को माफी मांगनी चाहिए। जदयू ने बयान में मामले में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को भी घेरने की कोशिश की। हालांकि रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में कहा कि शरद के बयान से उनका कोई लेना देना नहीं है।
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उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह गुरुवार को राज्यसभा में बीमा संशोधन बिल की चर्चा के दौरान शरद यादव ने दक्षिण भारतीय महिलाओं के रंग पर टिप्पणी की थी। रविशंकर प्रसाद उस समय ठहाके लगा रहे थे।

संसद में ऐसा क्या बोल गए थे शरद यादव

sharad yadav comment on south indian women

जदयू अध्यक्ष शरद यादव के बयान को आलोचकों ने अश्लील और नस्लीय करार दिया था। हालांकि यादव ने अपनी सफाई में कहा था कि वह केवल दक्षिण की महिलाओं की खूबसूरती बयां कर रहे थे।

सर्वश्रेष्ठ सांसद का सम्मान हासिल कर चुके यादव ने बीमा विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा था कि दक्षिण की महिलाएं जितनी सुंदर होती हैं उतना ही उनका शरीर खूबसूरत होता है। दक्षिण की महिलाएं नृत्य भी जानती हैं।

यादव की टिप्पणी डीएमके सांसद कनिमोझी ने कड़ा विरोध किया था। शरद ने उस समय कहा था कि हर समय गंभीर बहस ही नहीं की जा सकती।

हालांकि भाजपा और कांग्रेस ने भी बाद में बयान की कड़ी आलोचना की। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह महिलाओं को इस रूप में देखते हैं। इससे नस्लवादी सोच का पता चलता है। यह नारी विरोधी टिप्पणी है और इसका विरोध किया जाना चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता शोभा ओझा ने यादव की टिप्पणी कि निंदा करते हुए कहा कि वह सभी जनप्रतिनिधियों से महिलाओं के बारे में सम्मान से बोलने की अपील करती हैं।

शरद के बयान पर जदयू ने जताया खेद

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जदयू अध्यक्ष शरद यादव के विवादित बयान पर उनकी पार्टी ने खेद भी जताया। यादव के बयान से मचे सियासी बवाल को थामने के प्रयास में पार्टी ने कहा कि यादव की मंशा किसी को ठेस पहुंचाने की नहीं थी। जदयू महासचिव के सी त्यागी ने कहा है कि अगर शरद यादव के बयान से किसी महिला को ठेस पहुंची है, तो पार्टी इसके लिए खेद प्रकट करती है।

वैसे यह पहला मौका नहीं है जब शरद यादव ने महिलाओं को लेकर विवादित बयान दिया है।

साल 2012 में यादव ने महिला आरक्षण बिल के वक्त संसद में कहा था कि इस विधेयक के जरिये क्या आप परकटी औरतों को सदन में लाना चाहते हैं। उस वक्त भी उन्हें महिला संगठनों की ओर से कड़ा विरोध झेलना पड़ा था, और माफी मांगनी पड़ी। मगर वर्तमान बवाल पर यादव ने माफी से इंकार किया है।

हालांकि सियासी बवाल के बाद जदयू ने मामले पर सफाई पेश कर विवाद शांत करने का प्रयास किया है। 

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