फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   sharad yadav challenges narendra modi

मोदी पर शरद यादव का तीखा हमला

Sat, 02 Nov 2013 01:38 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 02 Nov 2013 01:38 AM IST
विज्ञापन
sharad yadav challenges narendra modi

बिहार में हुंकार रैली में हुए सीरियल बम धमाकों में नीतीश सरकार को घेरने में जुटे भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को अब जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने चुनौती दी है।

विज्ञापन


ब्लास्ट में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने फिर से बिहार जा रहे मोदी के संदर्भ में यादव ने कहा है कि वह चाहें तो बिहार को अपना मुख्यालय बना लें या फिर वहीं बस जाएं, इससे जदयू की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।
विज्ञापन


जदयू अध्यक्ष ने सरदार पटेल की विरासत पर मची सियासी जंग पर भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने दोनों दलों पर देश को बुतों का कबाड़खाना बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जितनी मूर्तियां लगेंगी, विचारधारा भी उतनी ही मरेंगी। शरद ने पहली बार मोदी पर सीधे तीखा हमला बोला है।
विज्ञापन
विज्ञापन


धमाकों में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने के लिए मोदी के फिर से बिहार जाने पर चुटकी लेते हुए शरद ने कहा मोदी खूब पटना जाएं। मेरी तो सलाह है कि वह अपना मुख्यालय भी वहीं बनवा लें और वहीं बस भी जाएं। मगर भाजपा को यह जान लेना चाहिए कि इससे जदयू की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।

मोदी को बहस की चुनौती
हुंकार रैली में मोदी को मिले समर्थन संबंधी सवाल के जवाब में उन्होंने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसी बड़ी राजनीतिक शख्सियत को हराने की याद दिलाई। इसके साथ ही शरद ने अप्रत्यक्ष तौर पर मोदी को बहस की चुनौती देते हुए कहा कि अगर कोई बहस की चुनौती दे तो मैं इसका सामना करने के लिए तैयार हूं।


विचारधारा मायने रखती है न कि उसका बुत
जदयू अध्यक्ष ने सरदार पटेल की विरासत पर भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी जंग पर भी चुटकी ली। उन्होंने बुतों की स्थापना को विचार मारने का माध्यम बताते हुए कह कि इंसान की विचारधारा मायने रखती है न कि उसका बुत। शरद ने अपनी ही पार्टी में उठे मतभेद के सुर पर कहा कि जदयू कांग्रेस या भाजपा नहीं है, जहां नेताओं को बोलने की आजादी न हो।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed