पवार की नरेंद्र मोदी से तल्ख़ी की तीन वजहें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अटकलें हैं कि उनका इशारा भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की तरफ था। इससे पहले आईं ख़बरों के मुताबिक़ शरद पवार ने कहा था कि नरेंद्र मोदी को मेंटल हॉस्पिटल में इलाज कराने की जरूरत है।
नरेंद्र मोदी भी महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में कई रैलियां कर वहां की कथित दुर्दशा के लिए शरद पवार को ज़िम्मेदार बता चुके हैं। ऐसे में सवाल उठाता है कि नरेंद्र मोदी और एनसीपी के बीच आरोप इतने तीखे क्यों होते जा रहे हैं?
तो ये है तल्ख़ी की वजह
दरअसल नरेंद्र मोदी जबसे भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बने हैं, महाराष्ट्र भाजपा में काफी आत्मविश्वास आ गया है। पहले महाराष्ट्र में भाजपा को ब्राह्मणों की पार्टी माना जाता था जबकि एनसीपी में मराठों का दबदबा माना जाता था।
लेकिन अब भाजपा में भी कई ओबीसी और मराठा नेता शामिल हो चुके हैं और कई जगह उनके उम्मीदवार मराठा हैं। इससे शरद पवार और एनसीपी के मराठा बेस में हलचल मची हुई है।
मैं ऐसा नहीं कहूंगा कि शरद पवार कमजोर पड़ रहे हैं, लेकिन एक बात माननी ही पड़ेगी कि कांग्रेस और एनसीपी का मराठा समुदाय में जो दबदबा था वो कम हो रहा है।
दरक रही है जमीन
चुनावी नतीजे चाहे जो हों, लेकिन इतना तो साफ है कि कांग्रेस और एनसीपी बहुत बड़ी सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रहे हैं। इस सत्ता विरोधी लहर की एक वजह तो केंद्र की कांग्रेस सरकार के कामकाज हैं। दूसरी बात ये है कि एनसीपी के बहुत सारे मंत्रियों का किसी न किसी घोटाले में नाम आया है। तीसरी बात ये है कि कांग्रेस के प्रदर्शन में कमी ज्यादा है।
इस तरह कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को तीन मोर्चों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है- अकुशलता, सत्ता विरोधी लहर और सामाजिक आधार का कमजोर होना। यही वजह है कि शरद पवार की चिंता बढ़ गई है।