मोदी को रोकने के लिए ये शख्स बिछा रहा सियासी गोटियां
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एग्जिट पोल में भाजपा के लिए सत्ता की राह भले ही आसान दिख रही हो, लेकिन यूपीए के प्रमुख घटक दल एनसीपी को अभी भी उम्मीद है कि इस दफा सरकार तीसरे मोर्चे की ही बनेगी।
अपनी इसी उम्मीद के सहारे एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने तीसरे मोर्चे की सरकार के लिए कसरत शुरू कर दी है।
बुधवार को पवार ने तीसरे मोर्चे को हकीकत में बदलने के लिए न सिर्फ जयललिता से मुलाकात की बल्कि ममता बनर्जी, नवीन पटनायक और जगन मोहन रेड्डी आदि नेताओं से भी संपर्क किया।
बनेगी तीसरी मोर्चे की सरकार
हालांकि राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि तीसरे मोर्चे की सरकार को अमलीजामा पहनाने के पवार के इस कदम को नरेंद्र मोदी को रोकने की अंतिम कोशिश माना जा रहा है।
लेकिन दूसरी ओर जानकार यह भी कह रहे हैं कि यदि कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं मिला तो वह मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाने का मन बना चुकी है। इसलिए भी पवार तीसरे मोर्चे के लिए जी जान से जुट गए हैं।
उधर, पार्टी ने भाजपा से गठबंधन की चर्चाओं को भी खारिज कर दिया। एक दिन पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने टिप्पणी की थी कि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती दिख रही है।
एनसीपी नहीं करेगी भाजपा को समर्थन
समर्थन के मुद्दे पर उन्होंने कहा था कि वे ‘स्थायी’ सरकार के पक्ष में हैं, जिसके बाद से दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की चर्चा होने लगी
मगर बुधवार को पार्टी प्रवक्ता डीपी त्रिपाठी ने कहा, ‘हम यूपीए के साथ थे और यूपीए के साथ ही रहेंगे। अगर केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनती है, तो हम विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे। भाजपा के गठबंधन की खबरें पूरी तरह से गलत हैं।’