फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   sharad pawar authorized to discuss possibilites of third front government

पकने लगी तीसरे मोर्चे की खिचड़ी, हो सकता है बड़ा ऐलान!

Thu, 15 May 2014 08:29 PM IST
Updated Thu, 15 May 2014 08:29 PM IST
विज्ञापन
sharad pawar authorized to discuss possibilites of third front government

भले ही एग्जिट पोल के नतीजों से उत्साहित भाजपा सरकार बनाने में जुट गई हो लेकिन परदे के पीछे तीसरे मोर्चे के दल भी सक्रिय हो गए हैं।

विज्ञापन


जदयू, एनसीपी, सपा, बीजद, बसपा, एआईडीएमके, जदएस और कंग्रेस के नेताओं की बातचीत शुरू हो गई है। एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार को सभी दलों के बीच बातचीत के लिए सर्वसम्मति से अधिकृत किया गया है।
विज्ञापन


पवार जयललिता, करूणानिधि, देवेगौडा, नवीन पटनायक और जगनमोहन रेड्डी के संपर्क में हैं।

शिवसेना से भी बातचीत की संभावना

sharad pawar authorized to discuss possibilites of third front government

ये जानकारी देने वाले जदयू के एक नेता का कहना है कि एग्जिट पोल कुछ भी कहें तीसरे मोर्चे के सभी दल आगे की रणनीति बना रहे हैं। वाम दलों के नेता और ममता बनर्जी से भी बात हुई है।

सबका कहना है कि कल चुनाव नतीजे आने के बाद किसकी कितनी सीट आती है इसके बाद आगे की रणनीति बनेगी।

इस नेता का ये भी कहना है कि जरुरत पड़ी तो पवार को आगे करके शिवसेना से भी मराठी मानुष के नाम पर बात की जा सकती है।

क्षेत्रीय दलों का मन टटोल रही तृणमूल

sharad pawar authorized to discuss possibilites of third front government

तृणमूल कांग्रेस ने भी अपने स्तर पर क्षेत्रीय दलों का मन टटोलना शुरू कर दिया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को उम्मीद है कि वर्ष 2004 और 2009 के लोकसभा चुनावों की तरह अबकी भी एग्जिट पोल के नतीजे औंधे मुंह गिरेंगे।

इसी उम्मीद के आधार पर तृणमूल कांग्रेस दूसरे क्षेत्रीय दलों का मन टटोलने में जुट गई है। पार्टी की ओर से अब तक लालू प्रसाद के राजद, मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और जयललिता की एआईएडीएमके के साथ शुरूआती दौर की बातचीत हो चुकी है। हालांकि तृणमूल नेताओं ने इसे सद्भावना बातचीत करार दिया है।

विज्ञापन

अल्वी ने भी ममता के समर्थन की बात कही

sharad pawar authorized to discuss possibilites of third front government

वहीं, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने गुरुवार को कहा कि भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए सभी क्षेत्रीय धर्मनिरपेक्ष दलों को एक साथ आकर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नेता चुनना चाहिए।

उन्होंने यह स्वीकार किया कि कांग्रेस के लिए सरकार बनाना काफी मुश्किल है लेकिन सभी धर्मनिरपेक्ष दलों को नरेंद्र मोदी को सत्ता से दूर रखने के लिए एक साथ आना चाहिए।

उन्होंने सुझाव दिया कि सभी क्षेत्रीय धर्मनिरपेक्ष दलों को एक साथ आकर अपना नेता चुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी कभी भी एक धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि उनका सुझाव है कि क्षेत्रीय दलों को ममता बनर्जी को नेता चुनना चाहिए, जो धर्मनिरपेक्ष, सक्षम हैं और उनकी ईमानदारी संदेह से परे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed