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शनि शिंगणापुर विवाद में शंकराचार्य भी कूदे

Thu, 28 Jan 2016 04:51 PM IST
Updated Thu, 28 Jan 2016 04:51 PM IST
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Shankaracharya Swami Swaroopanand on shani shingnapur temple controversy.

शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं को पूजा का अधिकार देने पर विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस मुद्दे पर द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती कूद पड़े हैं। उन्होंने शनि पूजा पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

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शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने शनि पूजा का विरोध करते हुए कहा कि शनि को बुलाया नहीं भगाया जाता है। इतना ही नहीं उन्होंने शनि को भगवान मानने से इंकार करते हुए कहा कि शनि भगवान नहीं एक ग्रह हैं।
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शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के मुताबिक पूजा भगवान की होती है ग्रह की नहीं। ऐसे में महिलाओं को शनि पूजा से बचने की कोशिश करनी चाहिए।

महिलाओं को अधिकार देने पर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि देश में महिलाओं को सामाजिक अधिकार की बात है तो वो उन्हें मिल चुका है। वो देश के अहम पदों प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और लोकसभा के अध्यक्ष के पद पर रह चुकी हैं। अगर धर्म में सामाजिक न्याय की बात है तो धर्म मान्यताओं और परंपराओं पर चलता है। यहां सामाजिक न्याय जैसी कोई बात नहीं होती।
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अखाड़ा परिषद ने किया था महिलाओं के पूजा करने का समर्थन

Shankaracharya Swami Swaroopanand on shani shingnapur temple controversy.

बता दें कि महाराष्ट्र के अहमदनगर जिला स्थित शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं को पूजा करने से रोके जाने को लेकर विवाद चल रहा है। जिस पर बुधवार को अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी महाराज ने भी हस्तक्षेप किया था।

उन्होंने कहा कि शनि मंदिर में महिलाओं को पूजा करने से रोकना गलत है। शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं का प्रवेश वर्जित है। यह प्रथा करीब 400 साल से चली आ रही है, लेकिन 28 नवंबर 2015 में एक महिला ने गर्भगृह में प्रवेश कर विवाद को तूल दे दिया था।

इस बीच पूरे मामले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने भी हस्तक्षेप किया था। उन्होंने शनि शिंगणापुर मंदिर ट्रस्ट और भूमाता ब्रिगेड से आपस में चर्चा कर मामला सुलझाने की सलाह दी है। उन्होंने यह भी कहा है कि जिला प्रशासन समाज के प्रबुद्ध लोगों के साथ मिलकर इस मामले को सुलझाएं।

शनि शिंगणापुर मंदिर में पूजा को लेकर विवाद

Shankaracharya Swami Swaroopanand on shani shingnapur temple controversy.

हालांकि इसके बाद भूमाता रणरागिनी ब्रिगेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई ने बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आग्रह किया है कि वह अपनी पत्नी संग आकर शनि देव मंदिर में पूजा करें। फड़नवीस ने हालांकि उनके आग्रह को स्वीकार नहीं किया है, लेकिन मंदिर में महिलाओं को पूजा करने का अधिकार दिए जाने की मांग का समर्थन किया है।

भूमाता ब्रिगेड प्रमुख तृप्ति देसाई की मांग है कि शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं को पूजा का अधिकार दिया जाना चाहिए। इस मांग को लेकर उन्होंने 26 जनवरी को करीब 400 महिलाओं के साथ मंदिर के लिए कूच किया था, लेकिन पुलिस ने उन्हें कई लगभग 70 किमी किलोमीटर पहले ही रोक दिया।

भूमाता ब्रिगेड का शनि देव की पूजा का अधिकार हासिल करने का प्रयास भले ही सफल नहीं हुआ, लेकिन इसका देशव्यापी असर हुआ। हालांकि, मंदिर अब भी इस पर अडिग है कि परंपरा का उल्लंघन नहीं करने दिया जाएगा।

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