फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Shankaracharya spoke on conversion issue.

धर्मांतरण विवाद में कूदे शंकराचार्य, पढ़िए क्या कहा?

Thu, 11 Dec 2014 07:20 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 11 Dec 2014 07:20 PM IST
विज्ञापन
Shankaracharya spoke on conversion issue.

आगरा धर्म परिवर्तन का विवाद लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस मुद्दे पर संसद से लेकर सड़क तक सियासी घमासान मचा हुआ है।

विज्ञापन


इस बीच धर्म परिवर्तन को लेकर द्वारिका एवं ज्योतिर्पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि सिर्फ संख्या बढ़ाने और सत्ता या सरकार से लाभ लेने के लिए किए जाने वाला धर्मान्तरण गलत है।

शंकराचार्य का कहना है कि जबरन या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करवाना अनुचित है। महात्मा गांधी ने भी इसका विरोध किया था। लेकिन यदि कोई स्वेच्छा से अपनी धार्मिक आस्था बदलना चाहता है और सनातन धर्म को अपनाता है तो उसका स्वागत है।
विज्ञापन


अमर उजाला से फोन पर विशेष बातचीत में स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण को राजनीतिक मुद्दा बनाकर वोट बटोरने की कोशिश गलत है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह पूछने पर कि चातुर्वर्ण व्यवस्था वाले हिंदू समाज में अन्य धर्मों से आने वालों का वर्ण क्या होगा? शंकराचार्य ने कहा, "उनके पूर्वज जिस वर्ण में थे उसी वर्ण में उन्हें स्थान मिलना चाहिए। इसके अलावा भगवत वर्ण के नाम से एक नया वर्ण भी बनाया जा सकता है।"

लेकिन शंकराचार्य ने साफ कहा कि सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए भीड़ जमा कर धर्मांतरण का ढोल पीटना ठीक नहीं है। इससे सनातन धर्म का लाभ नहीं हानि ही होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed