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बटला हाउस: एमसी शर्मा की हत्या में शहजाद दोषी करार

Thu, 25 Jul 2013 10:36 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 25 Jul 2013 10:36 PM IST
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shahzad ahmed guilty in batla house case

दिल्ली के बटला हाउस एनकाउंटर मामले में कोर्ट ने गुरुवार को शहजाद अहमद को पुलिस अधिकारी एमसी शर्मा की हत्या का दोषी करार दिया है।

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सोमवार को कोर्ट में शहजाद अहमद की सजा पर बहस होगी। पांच साल पुराने इस मामले में इंडियन मुजाहिद्दीन (आईएम) का सदस्य शहजाद अहमद आरोपी था।

जामिया नगर के बटला हाउस इलाके में सितंबर 2008 को एनकाउंटर हुआ था, जिसमें स्पेशल सेल के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए थे।

मामला साकेत स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार शास्त्री के समक्ष विचाराधीन था। अदालत ने करीब ढाई साल की सुनवाई के बाद 20 जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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पढ़ें:- बटला एनकाउंटरः क्या-क्या हुआ था उस रोज?
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इस दौरान अभियोजन पक्ष ने 70 गवाह पेश किए। इनमें से छह चश्मदीद हैं लेकिन ये एनकाउंटर करने वाली पुलिस टीम के सदस्य हैं।

पढ़ें:- बटला हाउस एनकाउंटर का आजमगढ़ कनेक्शन

मामले में गिरफ्तार एकमात्र आरोपी शहजाद ने दो गवाह पेश किए थे, जिसमें से एक अन्य आतंकी मामले में आरोपी है।

एनकाउंटर के तार
मुठभेड़ के तार 13 सितंबर 2008 को राजधानी में हुए सीरियल बम धमाकों से जुड़े हैं। आतंकियों ने करोल बाग, कनॉट प्लेस, जीके और इंडिया गेट पर धमाके किए थे, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी और 133 घायल हुए थे।


पुलिस ने धमाकों के पीछे इंडियन मुजाहिद्दीन का हाथ होने की बात कही थी। जांच के दौरान स्पेशल सेल को जामिया नगर के बटला हाउस के फ्लैट नंबर एल-18 में आतंकियों के छुपे होने की सूचना मिली थी।

मोहन चंद शर्मा ने की थी अगुवाई
इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की अगुवाई में टीम 19 सितंबर 2008 को बटला हाउस के फ्लैट पर रेड करने गई थी। वहां पुलिस और आतंकियों के बीच गोलीबारी हुई थी, जिसमें दो आतंकी व इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा मारे गए थे।

जबकि एक हवलदार घायल हो गया था। वहीं, आरोपी शहजाद और जुनैद फ्लैट की बालकनी से कूदकर गोली चलाते हुए भाग गए थे। बाद में पुलिस ने शहजाद को यूपी स्थित उसके गांव सराय मीर से गिरफ्तार किया था।

फैसले को चुनौती देगा शहजाद का परिवार
दिल्ली के बटला हाउस कांड पर फैसला आने के बाद शहजाद के परिवार ने इस निर्णय को ऊपरी अदालत में चुनौती देने की बात कही है।

19 सितंबर 2008 को बटला हाउस एनकाउंटर के दो साल बाद फरवरी 2010 में एटीएस की टीम ने शहजाद को खालिसपुर गांव स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया था।

शहजाद को अब दोषी करार दिए जाने के बाद शहजाद के परिवार ने कहा कि हम लोग ऊपर की अदालत में अपील करेंगे। हमें यकीन था कि फैसला हमारे हक में आएगा।

फैसला आने के बाद शहजाद के चाचा अनीस अहमद ने कहा कि अदालत का निर्णय दुखद है। वे सच्चाई सामने लाने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे। मालूम हो कि शहजाद पांच भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर है। उसके पिता सऊदी अरब में रहते हैं।

19 सितंबर, 200: एफआईआर दर्ज। जांच का जिम्मा क्राइम ब्रांच को दिया गया।
30 जनवरी, 2009: फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट में साफ हुआ कि मुठभेड़ फर्जी नहीं थी।
22 जुलाई, 2009: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एनकाउंटर मामले में पुलिस को क्लीन चिट दी।
2 फरवरी, 2010: शहजाद उर्फ पप्पू आजमगढ़ में गिरफ्तार।
6 फरवरी, 2010: दिल्ली पुलिस का खुलासा, शहजाद ने ही इंस्पेक्टर एमसी शर्मा पर गोली चलाई थी।
28 अप्रैल, 2010: दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने शहजाद के खिलाफ अंतिम आरोप-पत्र दाखिल किया।
20 जुलाई, 2013: सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित किया।
25 जुलाई, 2013: अदालत ने शहजाद को दोषी करार देते हुए मुठभेड़ को सही ठहराया।

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