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यूपी के लाल की शहादत पर बोली बहन, 'अब किसे राखी बांधूंगी'

Wed, 17 Jun 2015 07:22 AM IST
Updated Wed, 17 Jun 2015 07:22 AM IST
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shaheed varun tiwari's dead body reached at home

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में चार जून को माइन्स ब्लास्ट में शहीद हुए होलागढ़ के लाल वरुण कुमार तिवारी का शव गांव पहुंचा तो परिवार के लोग सुध-बुध खो बैठे। वरुण सुरेश कुमार तिवारी का इकलौता बेटा था।

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कठिन आर्थिक हालात से जूझ रहे पिता की सरपरस्ती में कड़ी मेहनत से पढ़ाई पूरी कर सीआरपीएफ में मार्च 2013 में नियुक्त हुआ था। नौकरी लगते ही उसके सपनों को पंख लग गए। छोटा सा कच्चा घर जिसका एक कमरा ही पक्का। पिछली बार जब घर आया था तो पांच हजार ईंट गिरवा कर नौकरी पर गया था। यह कहकर कि आने पर घर बनवाऊंगा।
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घर बनवाने के बाद सबसे छोटी बहन अनामिका (16) की शादी भी वरुण की प्राथमिकता में शामिल थी। इतना करने के बाद ही वह खुद के विवाह पर विचार करता। पर नियति पर किसी का वश नहीं। वरुण के बड़ी दो बहनें सोनिया और मोनिका शादी शुदा हैं। इकलौता बेटा खोने वाली मां मिथिलेश कुमारी तो मानों अपनी सुध-बुध ही खो बैठीं थीं। बार-बार यही कहती रहीं कि भइया किसके सहारे अब जिऊंगी।
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शव देख बदहवास तीनों बहनों ने जिलाधिकारी से बोलीं की साहब एक ही भाई था आखिर अब किसे राखी बांधूंगी। उनकी यह बात सुन हजारों की भीड़ और सेना के जवानों की आखें छलछला गईं।

अधिकारियों के शहीद के घर न पहुंचने पर आक्रोशित हुए ग्रामीण

shaheed varun tiwari's dead body reached at home

शहीद वरुण तिवारी का शव गांव पहुंचा तो अधिकारियों की नामौजूदगी से कई गांवों के लोग बौखला गए। आक्रोशित लोगों ने नवाबगंज चौराहे पर इलाहाबाद-लखनऊ हाईवे पर जाम लगा दिया। लगभग सवा घंटे तक आक्रोशित लोगों द्वारा जाम लगाए जाने से वीआईपी मार्ग पर वाहनों की लम्बी कतार लग गई।

सीआरपीएफ अधिकारी सुबह नौ बजे शहीद वरुण तिवारी का शव लेकर पैतृक गांव पहुंचे तो कई गांवों के लोग मौके पर आ गए। शहीद का शव देखकर हर आंख छलक पड़ी। थोड़ी देर बाद नौजवान नवाबगंज चौराहे पर पहुंचे और जाम लगा दिया। जाम के दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने ईट पत्थर भी चलाए।

एसओ नवाबगंज रामआशीष उपाध्याय को ग्रामीणों की नोक झोंक का सामना करना पड़ा। नवाबगंज चौराहे पर जाम लगने की खबर मिलने पर शहीद के घर पर पहुंचे सीओ सोरांव डा. दुर्गा प्रसाद तिवारी शहीद के पिता सुरेश कुमार तिवारी से बात करने के बाद उन्हें साथ लेकर नवाबगंज चौराहे पहुंचे जहां पर शहीद के पिता के कहने पर लोगों ने जाम समाप्त किया।

शहीद के परिवार को बीस लाख सहित जमीन: जिलाधिकारी

shaheed varun tiwari's dead body reached at home

शहीद वरुण कुमार तिवारी के शव पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद जिलाधिकारी इलाहाबाद ने शहीद के पिता सुरेश कुमार तिवारी से बात की। डीएम ने बताया कि बकौल मुख्यमंत्री देश पर शहीद होने वाले वरुण के परिजनों को बीस लाख रुपये नगद, दो बीघा सत्रह बिस्वा कृषि भूमि तीन दिन के अन्दर दी जायेगी।

क्षेत्रीय विधायक अंसार अहमद ने कहा कि जिला पंचायत निधि से पीडब्ल्यूडी सड़क से घर तक आरसीसी मार्ग, नाली और विधायक निधि से गेट का निर्माण कराया जायेगा। शहीद के पिता ने जिलाधिकारी से कहा कि साहब बेटे की पढ़ाई का कर्ज आज तक नहीं भर पाये हैं।

अन्त्योदय कार्ड धारी हैं शहीद वरुण के पिता  
शहीद के परिवार के कठिन दिनों का इसी से आकलन किया जा सकता है कि वरुण के पिता के नाम अन्त्योदय कार्ड बना है और हर माह कोटे के राशन से काम चलता है। पिता सुरेश तिवारी के पास महज दस बिस्वा भूमि है।

जिलाधिकारी को सौंपा गया आठ सूत्री ज्ञापन
शहीद वरुण के घर पहुँचे जिलाधिकारी को ग्रामीणों ने आठ सूत्री ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि मुख्यमंत्री परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करें। मुख्यमंत्री शहीद के घर आयें। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। आवास और शहीद स्मारक बनवाया जाए।

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