जानिए पाकिस्तानी सेना को मनाने के पीछे किसका हाथ?
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भारत दौरे के बारे में उनके छोटे भाई शहबाज शरीफ ने सेना प्रमुख राहील शरीफ से बात की। नवाज ने भारत के मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने की स्वीकृति दी है।
पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री शहबाज ने शुक्रवार को राहील से लाहौर में सेना के गेस्ट हाउस में मुलाकात कर उन्हें प्रधानमंत्री के भारत जाने के फैसले के पीछे के कारणों के बारे में बताया। दोनों के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई।
शहबाज ने ली पूरी जिम्मेदारी
सूत्रों ने बताया कि पूर्व की तरह नवाज की पार्टी पीएमएल-एन ने शहबाज से संवेदनशील मुद्दों पर सेना के उच्च अधिकारियों को भरोसे में लेने की जिम्मेदारी दी थी।
माना जाता है कि शहबाज देश की पूर्व पीपीपी सरकार के दौरान भी तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी से मिलते रहे थे।
मोदी का निमंत्रण स्वीकारना आसान नहीं था
पीएमएल-एन के एक नेता ने कहा कि नवाज के भारत जाने के फैसले से यह स्पष्ट है कि वह किसी के दबाव में नहीं, बल्कि स्वतंत्र होकर फैसले करते हैं।
उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख मीडिया हाउस जियो टीवी नेटवर्क के मसले पर सेना और सरकार के बीच तनाव को देखते हुए नवाज के लिए मोदी का निमंत्रण स्वीकार करने का फैसला आसान नहीं था।