शाह के 'बदला लेने' वाले बयान पर बवाल, चुनाव आयोग में शिकायत
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनावों के प्रभारी अमित शाह के बयान से सूबे की सियासत एक बार फिर गर्मा गई।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक चुनावी सभा में गुरुवार को अमित शाह ने कहा कि लोकसभा चुनाव मुजफ्फरनगर दंगों में हुए अपमान का बदला लेने का मौका है।
उन्होंने कहा, 'उत्तर प्रदेश विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सम्मान का चुनाव लड़ा जा रहा है। ये चुनाव हमारे अपमानों का बदला लेने का मौका है। ये एक मौका है, उन लोगों को सबक सिखाने का जिन्होंने हमारे साथ अन्याय किया है।'
दो दिन पुराना है अमित शाह का बयान
शाह का बयान दो दिन पुराना है, लेकिन शनिवार को मीडिया में इसकी चर्चा होने के बाद राजनीतिक दल हरकत में आ गए। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से उनकी शिकायत की और आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
शाह ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार पर भी कड़ा प्रहार किया।
शाह ने ये भाषण एक समुदाय विशेष की सभा में दिया था। अपने भाषण में समाजवादी पार्टी की सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार बनते ही उत्तर प्रदेश की सरकार गिर जाएगी।
नरेंद्र मोदी और शाह पर बरसे सभी दल
शाह के साथ भाजपा विधायक सुरेश राणा भी थे। राणा मुजफ्फरनगर दंगों में आरोपी हैं।
अपने भाषण में शाह ने कहा कि एक आदमी भोजन और नींद के बिना भी जीवित रह सकता है। वह भूखा और प्यासा हो तो भी वे जीवित रह सकता है, लेकिन वह अपमानित किया गया हो तो वे कतई जीवित नहीं रह सकता है। अपमानों का बदला लिया जाना है।'
शाह के भाषण के बाद नरेंद्र मोदी की भी कड़ी आलोचना हो रही है। कांग्रेस, सपा, बसपा, जदयू ने कहा है नरेंद्र मोदी ने खुद विकास का मुखौटा पहन रखा है, लेकिन शाह के जरिए वे उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ रहे हैं।
भाजपा ने किया शाह के बयान का बचाव
भाजपा ने शाह के बयान का बचाव किया है। भाजपा ने कहा है कि शाह के बयान में कुछ भी गलत नहीं है।
पार्टी प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, 'उत्तर प्रदेश सरकार ने वहां की जनता का अपमान किया है। जनता को हिंदू और मुसलमान में नहीं बांटा जा सकता। मुजफ्फरनगर दंगों के बाद जो सेक्यूलर टूरिज्म करने गए थे, जनता के जख्मों पर मरहम लागने के बजाय उन्होंने उनका अपमान किया। शाह ने उन आपमानों के बदले की बात कही है।
समाजवादी पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा है कि शाह का बयान हमारी बातों की ही तस्दीक करता है। हमनें हमेशा कहा है कि मोदी और उनके सहयोगी 'फासिस्ट' है, वे अपने अलावा किसी और को बर्दाश्त नहीं कर सकते।