ये है अमित शाह का प्लान 2015!
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की नजर अब गैर भाजपा शासित राज्यों पर टिकी हैं। इन राज्यों में संगठन को सशक्त बनाने के लिए शाह ने लंबा-चौड़ा कार्यक्रम बनाया है।
संगठन को धार देने के लिए वे 22 जनवरी से 15 फरवरी तक उन नौ राज्यों का सघन दौरा करेंगे जहां पार्टी की सरकारें नहीं हैं।
वैसे शाह के ये दौरे कहने को तो पार्टी के सदस्यता अभियान को बल देने के लिए हैं। लेकिन इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन 2019 से जोड़ कर देखा जा रहा है। अगले लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा अध्यक्ष पार्टी के कम आधार वाले राज्यों को अभी से दुरुस्त कर लेना चाहते हैं।
नौ राज्यों के दौरे पर निकलेंगे
बताया जा रहा है कि शाह ने 22 जनवरी को पंजाब जाने का अपना कार्यक्रम बनाया है। वे अमृतसर से न सिर्फ ड्रग्स के खिलाफ प्रदेश भाजपा के कार्यक्रमों को हरी झंडी दिखाएंगे।
बल्कि ड्रग्स व्यापार से जुड़े होने का आरोप झेल रहे पंजाब सरकार के मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे।
वहीं 20 जनवरी से दिनों की पश्चिम बंगाल की यात्रा कर शाह तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ भाजपा के अभियान को और आगे बढ़ाएंगे। उनके कार्यक्रम को अंतिम रूप देने में जुटे रणनीतिकारों का कहना है कि भाजपा अध्यक्ष हर गैर भाजपा शासित राज्य में दो दिन का समय देंगे।
6 से 7 जनवरी तक ओडिशा, 8 जनवरी को तेलंगाना और 9 जनवरी को आंध्र प्रदेश का कार्यक्रम तय हुआ है। दूसरी ओर नव वर्ष का आगाज दिल्ली में करने के साथ शाह महाराष्ट्र रवाना हो गए हैं।
देवेंद्र फडणवीस सरकार को दिशा देने के बाद वे आर्थिक नगरी मुबंई से मोदी सरकार के सुधारवादी कदमों की राह में रोड़ा अटकाने के लिए कांग्रेस पर हमला बोलेंगे।