अब नाम तय होने के बाद चैनलों पर जा सकेंगे भाजपा नेता
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पार्टी के मीडिया विभाग और प्रवकत्ताओं के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं। मीडिया में भाजपा के कमजोर पड रहे पक्ष ने उनकी चिंता बढ़ा रखी है।
शाह ने मीडिया की रणनीति तय करने वाले नेताओं से कहा है कि वे विषय की गंभीरता और सरलता पर जोर दें। मीडिया में पार्टी का पक्ष रखने के लिए नेताओं की आई बाढ़ पर रोक लगाने के लिए शाह ने यह निर्णय लिया है कि चैनलों पर जाने वाले नेताओं के नाम की सूची को संगठन महामंत्री रामलाल अंतिम रूप देंगे।
मीडिया विभाग का प्रभार देख रहे सचिव श्रीकांत शर्मा से कहा गया है कि वो चैनलों के जरिए वकत्ताओं की मांग और नामों की सूची मीडिया विभाग को एक दिन पूर्व में ही रामलाल को सौंपनी पडेगी।
नहीं होती विषय की जानकारी
बताया जा रहा है कि मीड़िया विभाग ने शाह के नसीहत पर अमल शुरू कर दिया है। सूत्र
बताते हैं कि कुछ दिनों पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रीय स्तर पर
गठित समितियों के कामकाज की समीक्षा बैठक खुद ली थी।
जिसमें उनका अधिकांश
जोर मीड़िया विभाग के कामकाज पर रहा। बताया जा रहा है कि मीड़िया विभाग के
प्रभारी ने शाह के सामने अपनी पूरी कार्ययोजना रखी। मगर शाह ने असंतोष
प्रकट करते हुए नसीहत दिया कि सभी विभागों के लोग बड़ी-बडी कार्ययोजना
बनाने के बदले व्यवहारिक योजना बनाएं।
उन्होंने कहा कि आए दिन पार्टी की ओर
से ऐसे नेता चैनलों पर जाते हैं। जिन्हें विषयवस्तु की सही जानकारी नहीं
होती है। इससे उक्त नेता का चैनल पर चेहरा तो चमक जाता है।
लोगों को सौंपी जिम्मेदारी
मगर उनके वजह से
पार्टी का पक्ष कमजोर पड़ जाता है। उेसे नेताओं पर लगाम कसने की बात करते
हुए उन्होंने मीड़िया विभाग को कहा है कि वह उन्हीं नेताओं को चैनल में
भेजे जिसे उक्त विषय की पूरी जानकारी हो।
साथ ही उन्होंने चैनल पर नेताओं
के नाम तय करने के काम का जिम्मा संगठन महामंत्री रामलाल को सौंप दिया।
इसके अलावा शाह ने पार्टी उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे को भी लंबे-चौडे़
कार्ययोजना बनाने के बजाय प्वाइंट दर प्वाइंट एक्सन प्लान का ड्राफट बनाने
को कहा है।