फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   sexual harassment case of Gwalior woman judge

'क्या जज के खिलाफ चलेगा मुकदमा?'

Sat, 16 Aug 2014 09:11 AM IST
Updated Sat, 16 Aug 2014 09:11 AM IST
विज्ञापन
sexual harassment case of Gwalior woman judge

ग्वालियर में कथित रूप से यौन उत्पीड़न की शिकार हुई महिला जज ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से पूछा है कि अगर संबंधित जज के खिलाफ पहली नजर में आरोप सही पाए गए तो क्या उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाया जाएगा?

विज्ञापन


पूर्व महिला जज ने यौन उत्पीड़न करने वाले जज से न्यायिक और प्रशासनिक कामकाज छीनने की भी मांग की है ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।

महिला जज ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से जांच समिति के समक्ष हाजिर होने के नोटिस के जवाब में समिति की सचिव को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति व्यक्त की है। पत्र की प्रति सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को भी भेजी गई है।
विज्ञापन


पूर्व जज ने कहा है कि यौन उत्पीड़न की जांच से पहले दागी को निलंबित करने का प्रावधान है। लेकिन हाईकोर्ट के जज को निलंबित करना संभव नहीं है। इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए उसे न्यायिक और प्रशासनिक कामकाज से हटा दिया जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

'मेरी पहचान किस तरह गुप्त रहेगी'

sexual harassment case of Gwalior woman judge

प्रारंभिक जांच के दौरान गवाहों को पेश किया जाएगा। सभी गवाह अदालत के कर्मचारी हैं और हाईकोर्ट जज के अधीन हैं। इसलिए जज के कार्यरत रहने के दौरान वह निडर होकर बयान नहीं दे सकते।

हाईकोर्ट जज के अलावा उन तीन न्यायाधीशों को भी हटाया जाए जिन्होंने मुझे परेशान किया। पूर्व जज ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से सवाल किया कि उनकी ओर से गठित जांच समिति किस प्रावधान के तहत गठित की गई है।

अगर जांच में पहली नजर में सबूत मिले तो क्या संबंधित जज के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 354ए तथा 509 के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दी जाएगी। पूर्व महिला जज ने कार्यदिवस के दौरान हाईकोर्ट जज के चैंबर में कार्यवाही पर भी ऐतराज जताया है।

उन्होंने कहा है कि कार्यदिवस के दौरान मेरी पहचान किस तरह गुप्त रहेगी? अपनी 16 वर्षीय बेटी और पति को तलब करने पर भी उन्होंने आपत्ति दर्ज की है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed