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'ओशो के आश्रम में सजती थी सेक्स की मंडी'

Fri, 18 Jan 2013 03:26 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 18 Jan 2013 03:26 PM IST
sex was on in osho ashram reveals book

अपने भक्तों के बीच 'भगवान ओशो' कहलाने वाले ओशो को लेकर उनकी शिष्या और प्रेमिका मां आनंद शीला ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। ओशो के आश्रम से 55 मिलियन डॉलर का घपला करने के बाद शीला 39 महीनों तक जेल में रहीं। जेल से निकलने के करीब 20 साल बाद शीला ने हाल ही में रीलीज हुई अपनी किताब 'डोंट किल हिम! ए मेम्वर बाई मा आनंद शीला' में अपने गुरू से जुड़े कई अनछुहे पहलुओं को सामने रखा है।



एक माह में 90 लोगों के साथ सेक्स
शीला ने अपनी किताब में लिखा है कि ओशो के आश्रम में अध्यात्म के नाम पर सेक्स की मंडी सजती थी। आश्रम के शिविरों में सबसे ज्यादा चर्चा भी सैक्स पर ही होती थी। भगवान ओशो अपने भक्तों को बताते थे कि सेक्स की इच्छा को दबाना कई कष्टों का कारण है, इसलिए सेक्स की इच्छा को दबाना नहीं चाहिए। वे सेक्स को बिना किसी निर्णय के स्वीकार करने के लिए कहते थे। भगवान के उपदेशों पर चलते हुए उनके सभी शिष्य बिना किसी हिचकिचाहट और नैतिक दबाव के चलते आश्रम में खुलेआम सेक्स करते थे। आश्रम का हर संन्यासी एक महीने में करीब 90 लोगों के साथ सेक्स करता था।


पानी की तरह बरसता था आश्रम में पैसा
किताब के मुताबिक भगवान ओशो बिजनेस करना भी बखूबी जानते थे। उन्होंने ऐसा सिस्टम बनाया हुआ था कि आश्रम के हर हिस्से से आय होती थी। उनके प्रवचन सुनने के लिए आश्रम में प्रवेश शुल्क लगता था। आश्रम में चिकित्सकों का एक ग्रुप भी कार्यरत था, जो मरीजों को देखते थे। चिकित्सा सेवा के साथ-साथ आश्रम के अंदर बुफे में खान-पान की भी व्यवस्था थी। आश्रम में आने वाले लोग अपनी इच्छानुसार खाना लेकर भुगतान करते थे। इसके अलावा आश्रम में कई दूसरी शुल्क आधारित सेवाएं भी चलती थीं। इन सभी स्रोतों के जरिए आश्रम में पानी की तरह पैसा बरसता था। भगवान ओशो के आश्रम में हर दिन दान पाने के नए तरीके सोचे जाते थे।
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बीमारी के बावजूद सेक्स का प्राथमिकता
आश्रम में संन्यासियों को शिफ्ट में काम करना पड़ता था। आश्रम के संन्यासी भगवान ओशो से इतने प्रभावित थे कि अपनी परवाह किए बिना काम करते थे। यहां तक कि उन्हें रात को सोने के लिए अच्छी जगह भी नहीं मिलती थी। लेकिन धीरे-धीरे कुछ संन्यासियों को बीमारियों ने जकड़ लिया। आश्रम के संन्यासी बुखार, सर्दी और इंफेक्शन से पीड़ित रहते थे। आश्रम में चारों तरफ गंदगी का माहौल था। इसके बावजूद भगवान लगातार अपने भक्तों को सेक्स की इच्छा दबाने के विरुद्ध उपदेश देते थे, इसलिए आश्रम के संन्यासी बेफिक्र होकर सेक्स करते थे। शीला ने किताब में लिखा, 'मुझे यह देखकर बड़ा आश्चर्य हुआ कि पूरे दिन काम में लगे रहने के बावजूद संन्यासी सेक्स के लिए समय और ऊर्जा निकालते थे। एक दिन मैंने एक संन्यासी से इस बारे में पूछा तो उसने मुझे बताया कि वो हर दिन तीन अलग-अलग महिलाओं के साथ सेक्स करता है। गंदगी में रहने के कारण संन्यासियों की हालत ज्यादा खराब होने लगी और धीरे-धीरे आश्रम के अस्पताल के सभी बेड भर गए।


30 रॉल्स रॉयस गाड़ियों की मांग
भगवान आश्रम में सबकुछ ओशो के मन-मुताबिक और काफी अच्छा होने के बावजूद वे खुश नहीं थे। भगवान अब बोर हो रहे थे। एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि उन्हें एक महीने में 30 नई रॉल्स रॉयस गाड़ियां चाहिएं, जबकि उस समय उनके पास 96 नई रॉल्स रॉयस कारें थीं। जाहिर था कि वो सिर्फ अपनी बोरियत मिटाने के लिए नई गाड़ियां चाहते थे। 30 नई रॉल्स रॉयस कारों का मतलब था करीब 3 से 4 मिलियन डॉलर। इतनी बड़ी रकम सिर्फ आश्रम के बजट में कटौती करके ही जुटाई जा सकती थी, लेकिन भगवान ओशो ने मुझे इस रकम को पाने के लिए 50-60 लोगों के नाम की लिस्ट दी, जो काफी धनी थे।

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