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देहरादून में हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का पर्दाफाश
देहरादून/ब्यूरो
Updated Thu, 31 Jan 2013 09:10 AM IST
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देहरादून की पाश कालोनी में रिटायर्ड मेजर की कोठी किराये पर लेकर चलाए जा रहे हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। कई महीने से दो वेबसाइटों के जरिए चलाए जा रहे इस अंतरराज्यीय रैकेट में दिल्ली, पंजाब, यूपी, वेस्ट बंगाल और उत्तराखंड की कालगर्ल शामिल थीं।
रैकेट से जुड़े कई सफेदपोशों के चेहरे भी बेनकाब हुए हैं इनमें सीए, इंजीनियर, होटल मालिक, कंप्यूटर सेंटर संचालक, वकील, व्यापारी आदि शामिल थे। कालगर्ल की फोटो समेत पूरी प्रोफाइल तैयार की गई थी। ग्राहकों की मौज-मस्ती का रैकेट में पूरा इंतजाम था। महंगी कारों के बेड़े से कार्लगर्लों को घुमाने की भी सुविधा मुहैया कराई गई थी। छापामार कार्रवाई में दून पुलिस ने आठ लड़कियों और 12 ग्राहकों को भी पकड़ा है।
वेबसाइट पर ऑन लाइन होती थी बुकिंग
एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि सेक्स रैकेट का संचालन देहरादून स्थित डिफेंस कॉलोनी से किया जा रहा था। रैकेट ने दिल्ली में रहने वाले एक रिटायर्ड मेजर की कोठी किराए पर ले रखी थी। इनके पास से 20 मोबाइल, आईपैड, ड्ग्स और कामोत्तेजना बढ़ाने वाली सामग्री के अलावा आई टेन, आई-20, अल्टो और महेंद्रा कार भी बरामद की गई है। यह कारें उन लोगों को मुहैया करायी जाती थी, जो कालगर्ल को अपने साथ कहीं बाहर ले जाना चाहते थे।
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रैकेट ने कालगर्ल बुक करने के लिए दो वेबसाइट ऑन लाइन कर रखी थी। जिसके जरिये यह धंधा पिछले कई महीने से चल रहा था। पकड़ी गई कालगर्ल दिल्ली, यूपी के सहारनपुर, पंजाब के अमृतसर, वेस्ट बंगाल और उत्तराखंड से जुड़ी हैं। एसएसपी ने बताया कि देह व्यापार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने के साथ पकड़े गए लोगों के खिलाफ गैंगेस्टर के तहत कार्रवाई की जाएगी।
तस्वीर देखकर पसंद की जाती थी कालगर्ल
दो वेबसाइट पर दिए गए ‘ऑफर’ केआधार पर संपर्क करने वालों से दो से ढाई हजार रुपये की एडवांस फीस जमा कराने के बाद पसंद के लिए कालगर्ल की तस्वीर उपलब्ध कराई जाती थी। संबंधित ग्राहक की पसंद के बाद उसे दून के सरगना का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया जाता था। ग्राहक को ठिकाने तक पहुंचाने के लिए चार महंगी कारें भी दिन-रात दौड़ती रहती थीं।
दूसरी बार पकड़ में आया सरगना
सेक्स रैकेट का सरगना पंकज अग्रवाल दूसरी बार कानून की गिरफ्त में आया है। 2010 में भी पुलिस ने देह व्यापार में भी इसे पकड़ा था। जमानत पर फरार होने के बाद वह हरिद्वार में जाकर छिप गया। 2012 में फिर दून आकर वेबसाइट के जरिए यह गोरखधंधा शुरू किया। मीडिया के सामने पंकज ने खुलासा किया कि इस धंधे में उसका एक और साथी है जो उसकी होंडा सिटी कार लेकर फरार हो गया है। फिलहाल पुलिस की लिखा पढ़ी में उसका नाम नहीं आया है।
ये चेहरे हुए बेनकाब
कमल अग्रवाल, माधो विहार सहारनपुर सरगना, ब्रोकर
इन सफेदपोश ग्राहकों के नाम सामने आए
सतनाम निवासी आनंद चौक दून, सीए
भूपेन्द्र गिरि निवासी बमेठा गाजियाबाद, काम चश्मों की दुकान
धर्मेन्द्र गिरि निवासी नेहरू कॉलोनी गाजियाबाद, काम कंप्यूटर इंस्ट्ीयूट
संजय यादव निवासी बमेठा गाजियाबाद, पेशे से अधिवक्ता
योगेश शर्मा निवासी शास्त्रीनगर गाजियाबाद, इंजीनियर
विनय निवासी बमेठा गाजियाबाद, होटल मालिक
रजनीश निवासी पटेल मार्ग गाजियाबाद कार चालक
केतन निवासी माधो विहार सहारनपुर, कार चालक
दीपक निवासी इंदिरा कॉलोनी दून, कार चालक
नीरज शर्मा निवासी ब्रज विहार सहारनपुर, शराब की दुकान पर नौकर
जतिन निवासी माधो विहार सहारनपुर, मिठाई की दुकान पर नौकर
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रैकेट से जुड़े कई सफेदपोशों के चेहरे भी बेनकाब हुए हैं इनमें सीए, इंजीनियर, होटल मालिक, कंप्यूटर सेंटर संचालक, वकील, व्यापारी आदि शामिल थे। कालगर्ल की फोटो समेत पूरी प्रोफाइल तैयार की गई थी। ग्राहकों की मौज-मस्ती का रैकेट में पूरा इंतजाम था। महंगी कारों के बेड़े से कार्लगर्लों को घुमाने की भी सुविधा मुहैया कराई गई थी। छापामार कार्रवाई में दून पुलिस ने आठ लड़कियों और 12 ग्राहकों को भी पकड़ा है।
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वेबसाइट पर ऑन लाइन होती थी बुकिंग
एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि सेक्स रैकेट का संचालन देहरादून स्थित डिफेंस कॉलोनी से किया जा रहा था। रैकेट ने दिल्ली में रहने वाले एक रिटायर्ड मेजर की कोठी किराए पर ले रखी थी। इनके पास से 20 मोबाइल, आईपैड, ड्ग्स और कामोत्तेजना बढ़ाने वाली सामग्री के अलावा आई टेन, आई-20, अल्टो और महेंद्रा कार भी बरामद की गई है। यह कारें उन लोगों को मुहैया करायी जाती थी, जो कालगर्ल को अपने साथ कहीं बाहर ले जाना चाहते थे।
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रैकेट ने कालगर्ल बुक करने के लिए दो वेबसाइट ऑन लाइन कर रखी थी। जिसके जरिये यह धंधा पिछले कई महीने से चल रहा था। पकड़ी गई कालगर्ल दिल्ली, यूपी के सहारनपुर, पंजाब के अमृतसर, वेस्ट बंगाल और उत्तराखंड से जुड़ी हैं। एसएसपी ने बताया कि देह व्यापार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने के साथ पकड़े गए लोगों के खिलाफ गैंगेस्टर के तहत कार्रवाई की जाएगी।
तस्वीर देखकर पसंद की जाती थी कालगर्ल
दो वेबसाइट पर दिए गए ‘ऑफर’ केआधार पर संपर्क करने वालों से दो से ढाई हजार रुपये की एडवांस फीस जमा कराने के बाद पसंद के लिए कालगर्ल की तस्वीर उपलब्ध कराई जाती थी। संबंधित ग्राहक की पसंद के बाद उसे दून के सरगना का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया जाता था। ग्राहक को ठिकाने तक पहुंचाने के लिए चार महंगी कारें भी दिन-रात दौड़ती रहती थीं।
दूसरी बार पकड़ में आया सरगना
सेक्स रैकेट का सरगना पंकज अग्रवाल दूसरी बार कानून की गिरफ्त में आया है। 2010 में भी पुलिस ने देह व्यापार में भी इसे पकड़ा था। जमानत पर फरार होने के बाद वह हरिद्वार में जाकर छिप गया। 2012 में फिर दून आकर वेबसाइट के जरिए यह गोरखधंधा शुरू किया। मीडिया के सामने पंकज ने खुलासा किया कि इस धंधे में उसका एक और साथी है जो उसकी होंडा सिटी कार लेकर फरार हो गया है। फिलहाल पुलिस की लिखा पढ़ी में उसका नाम नहीं आया है।
ये चेहरे हुए बेनकाब
कमल अग्रवाल, माधो विहार सहारनपुर सरगना, ब्रोकर
इन सफेदपोश ग्राहकों के नाम सामने आए
सतनाम निवासी आनंद चौक दून, सीए
भूपेन्द्र गिरि निवासी बमेठा गाजियाबाद, काम चश्मों की दुकान
धर्मेन्द्र गिरि निवासी नेहरू कॉलोनी गाजियाबाद, काम कंप्यूटर इंस्ट्ीयूट
संजय यादव निवासी बमेठा गाजियाबाद, पेशे से अधिवक्ता
योगेश शर्मा निवासी शास्त्रीनगर गाजियाबाद, इंजीनियर
विनय निवासी बमेठा गाजियाबाद, होटल मालिक
रजनीश निवासी पटेल मार्ग गाजियाबाद कार चालक
केतन निवासी माधो विहार सहारनपुर, कार चालक
दीपक निवासी इंदिरा कॉलोनी दून, कार चालक
नीरज शर्मा निवासी ब्रज विहार सहारनपुर, शराब की दुकान पर नौकर
जतिन निवासी माधो विहार सहारनपुर, मिठाई की दुकान पर नौकर