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टीईटी-2011: जांच में फंस सकते हैं कई अधिकारी-कर्मचारी

Wed, 22 Jul 2015 02:13 AM IST
Updated Wed, 22 Jul 2015 02:13 AM IST
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Several officers trapped in TET 2011 enquiry.

टीईटी-2011 के टीआर अभिलेख में हेराफेरी की जांच सही तरीकेसे हो तो इस मामले में कई अधिकारी-कर्मचारी फंस सकते हैं।

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यूपी बोर्ड ने टीआर अभिलेख की गड़बड़ी की शुरुआती जांच के बाद अभिलेख विभाग के दो जिम्मेदार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। बोर्ड में इस बात को लेकर दिन भर चर्चा रही कि कर्मचारी हमेशा से अधिकारियों का मोहरा बनते रहे हैं, बोर्ड के दो कर्मचारियों का निलंबन इसी कड़ी का हिस्सा हो सकता है।

टीईटी के टीआर अभिलेख में हेराफेरी से पूर्व में यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों से भी टीआर अभिलेख को फाड़ने सहित उसमें गड़बड़ी करने का आरोप लगता रहा है।
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क्षेत्रीय कार्यालयों में भी हो चुकी है घटना

Several officers trapped in TET 2011 enquiry.

यूपी बोर्ड के इलाहाबाद स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में कुछ वर्षों पूर्व एक सिपाही को बचाने के लिए टीआर अभिलेख को फाड़ने की घटना हुई थी। इस मामले में तत्कालीन क्षेत्रीय सचिव ने कर्मचारियों को शामिल पाए जाने पर दंडित किया था।

इस सिपाही ने गलत तरीके से जन्म तिथि में हेराफेरी करके दो बार हाईस्कूल परीक्षा पास करके नौकरी हासिल की थी। मामला सामने आने पर सिपाही ने बोर्ड के कर्मचारियों-अधिकारियों की मिली भगत से टीआर रजिस्ट्रर के साथ छेड़छाड़ की थी। इसी प्रकार की गड़बड़ी वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय में हो चुकी है।

2011 में प्रदेश में पहली बार हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से विवादों का नाता पुराना है। आवेदन से लेकर परिणाम की घोषणा और उसमें संशोधन को लेकर विवाद पुराना है। परिणाम की घोषणा के बाद प्रमाण पत्रों में संशोधन के बाद विवाद गहराया तो आरोप के घेरे में तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा निदेशक एवं बोर्ड सचिव भी आईं।

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