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7 साल के मासूम को मारी थीं 7 गोलियां

Fri, 26 Dec 2014 03:39 PM IST
Updated Fri, 26 Dec 2014 03:39 PM IST
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Assam terror attacks - Seven year old child was shot seven times

(फोटो- असम हमले के बाद हुए प्रदर्शन के बाद के हालात)

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असम के सोनितपुर और कोकराझार में मंगलवार को हुए बोडो उग्रवादियों के हमले में सात साल के बच्चे कालू तोडु (Kalu Todu) को सात गोलियां मारी गई थीं। इस समय कालू गुवाहटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जिन्दगी और मौत से जूझ रहा है।

जब उग्रवादियों ने गोलियां चलाना शुरू किया तो कालू कोकराझार से 8 किलोमीटर दूसर अपने गांव पकड़ीगुड़ी (Pakriguri) में अपने घर के दरवाजे पर खड़ा था। उसकी मां को भी गोली लग गई। कालू के चेहरे, कोहनी, छाती और हाथ पर गोली लगी थी, जो इस समय ट्रॉमा सेन्टर में भर्ती है।

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बड़े भाई ने किया मां का अन्तिम संस्कार

Assam terror attacks - Seven year old child was shot seven times
(फोटो- हमले में घायल एक महिला)

कालू के पिता सोम तोडु ने कहा, "कालू के बड़े भाई ने अपनी मां का अन्तिम संस्कार किया है, जिसकी गुरुवार को अस्पताल में ले जाने के बाद मौत हो गई थी। जिस समय उसे गोली मारी गई, वह घास सुखा रही थी। मेरे अन्य बच्चे अभी घर में हैं। मुझे कालू को इलाज के लिए गुवाहाटी लाना पड़ा।"

इस हमले में एक अन्य महिला रानी बसुमातरे को भी गोली मारी गई थी, जब उसके पति बिश्वनाथ बसुमारते लकड़ियां बीनने गए थे। बिश्वनाथ ने बताया कि उग्रवादियों ने उनका पूरा घर जला दिया। वे शान्तिपुर गांव के रहने वाले हैं और इस हमले में उनका सब कुछ तबाह हो गया।

बदला लेने के लिए की गईं हत्याएं

Assam terror attacks - Seven year old child was shot seven times

सोनितपुर की पुलिस अधीक्षक संयुक्ता पाराशर ने कहा कि संगठन के उग्रवादियों ने घातक हथियारों से अरुणाचल प्रदेश की सीमा से सटे निनिसुती के निकट आदिवासियों पर हमला किया। घटनास्थल अंतरराष्ट्रीय सीमा से काफी नजदीक है।

कोकराझार के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार ने कहा कि जिले में पहला हमला पाखीरीगुड़ी इलाके में हुआ। यह इलाका भारत-भूटान सीमा इलाके के काफी करीब है।

माना जा रहा है कि बोडो उग्रवादियों ने यह हमले बदले की कार्रवाई के तहत किए हैं। भूटान सीमा के नजदीक चिरांग जिले में असम पुलिस और सेना ने संयुक्त प्रयास में रविवार को दो उग्रवादियों समेत चार को मार गिराया था। इसके बाद आतंकवादियों ने खुली चेतावनी दी थी कि वे इसका बदला लेंगे।

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पुलिस और खुफिया एजेंसियां के पास पहले थी सूचना

Assam terror attacks - Seven year old child was shot seven times

पुलिस और खुफिया एजेंसियों के पास पहले से इस बात की सूचना थी कि उग्रवादी बड़े पैमाने पर हमलों की फिराक में हैं। उसके बाद इलाके के मुस्लिम बहुत इलाकों में सुरक्षा चुस्त कर दी गई।

आमतौर पर उग्रवादी वहां मुसलमानों को ही निशाना बनाते रहे हैं, लेकिन इस बार सुरक्षा एजेंसियों को गच्चा देते हुए उन्होंने आदिवासी बहुल बस्तियों पर धावा बोला। वहां सुरक्षा लगभग नहीं के बराबर थी। सुरक्षा बलों ने पिछले सप्ताह एक अभियान के तहत इस गुट के तीन सदस्यों को मार दिया था।

सूत्रों की मानें तो पुलिस को कुछ अनहोनी की भनक तो थी, इसीलिए भूटान बॉर्डर से लगते मानस नेशनल पार्क से शाम को कुछ विदेशी सैलानियों को पुलिस ने तुरत-फुरत में वहां से निकाला।

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