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मोदी की रैली की 7 खास बातें, जो आपने कहीं नहीं पढ़ी होंगी!

Tue, 26 May 2015 05:56 AM IST
Updated Tue, 26 May 2015 05:56 AM IST
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seven special thing about modi mathura rally

मथुरा में दीनदयाल उपाध्याय स्मारक में जब पीएम मोदी पहुंचे तो उनके बैठते ही चाय आ गई। मोदी अब हासपरिहास के मूड में थे। मोदी ने कहा भाई क्या बात है जहां मैं जाता हूं वहां चाय ही पकड़ा दी जाती है। यहां कोई ठंडाई की बात क्यों नहीं कर रहा है। इसके बाद खूब ठहाके लगे।

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मोदी के मंच पर विकास का तराना सबको भाया। शब्दों की माला में केंद्र की कल्याण कारी योजनाओं का बखान सबके दिल को छू गया। ये विकास गीत देश के प्रधानमंत्री के मंच पर आने से पहले शुरू हुआ। ‘मिल करके भारत को आगे बढ़ाना है, सपने जो देखे हैं उन्हें जमीं पर लाना है, मेक इन इंडिया से देश का खजाना भर देंगे, अपनी खुशहाली की हम सौगात लाए हैं।’ देश भक्ति की धुन के साथ गाने के बोल पंडाल में मौजूद हजारों लोगों के दिल को छू गए।
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नरेंद्र मोदी को लेकर युवाओं का जोश देखने लायक था। मोदी का हेलीकाप्टर आने के साथ ही आवाज उठी मोदी, मोदी, मोदी, मोदी...जो बुलंद होती गई। इस दौरान कई युवा तो बल्लियों पर चढ़ गए। सुरक्षा कर्मियों के मना करने के बाद मोदी के संबोधन तक डटे रहे।
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दारोगा जी मैं तो बुजुर्ग हूं...
मोदी के मंच पर आते ही युवाओं का जोश बढ़ने लगा। इसके चलते व्यवस्थाएं भी चरमराने लगीं। मीडिया सेंटर के ठीक पीछे युवा बेरीकेडिंग फलांग कर गैलरी में आ गए। यहां भीड़ का दबाव बढ़ा तो बुजुर्ग राजेंद्र मीडिया सेंटर की ओर घुसने लगे। सुरक्षा में लगे दरोगा ने हड़काया तो तो राजेंद्र बोले दारोगाजी मैं तो बुजुर्ग हूं। ये हाल कई बुजुर्गों का था।

दीनदयाल का छप्पर देख नम हुईं मोदी की आंखें

seven special thing about modi mathura rally

अंतिम आदम के उदय के लिए सारा जीवन समर्पित करने वाले दीनदयाल उपाध्याय की जन्मभूमि पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी की आंखें नम हो गईं। वे पंडित जी के छप्परवाले घर को कुछ देर एकाग्र होकर देखते रहे। इसके बाद सभागार में उनकी यादों को संजोने वाले स्मारक की हर तस्वीर दिल में बसा ली।

फरह में दीनदयालधाम पहुंचकर मोदी सबसे पहले उस स्थान पर पहुंचे जहां दीनदयाल उपाध्याय का जन्म हुआ था। मुख्य द्वार पर गुलाब की पंखुड़ियों की बारिश से पीएम बेहद प्रसन्न नजर आए। दीनदयाल स्मारक समिति के लोगों के साथ जब वे स्मारक के भीतर गए तो उन्हें पंडित जी के छप्पर वाले घर की तस्वीर दिखाई गई। उन्हें बताया गया कि यहीं पहले छप्पर था और अब यह स्मारक है।

एक मिनट तक पीएम मोदी तस्वीर में उस छप्पर वाले घर को निहारते-निहारते भावुक हो गए और आंखें नम होने लगीं। इसके बाद उन्होंने राज्यपाल राम नाईक से कहा कि आप भी देखिए, एक महान व्यक्ति इस छप्पर वाले घर में जन्मा था। आज पूरा देश उनके सपनों को पूरा करने में लगा है। मोदी ने दीनदयाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया।

सभागार में पीएम मोदी ने कहा कि वह बेशक पंडित जी से कभी नहीं मिले लेकिन उनके आदर्शों पर चल रहे हैं। उनका सपना जरूर पूरा होगा। इसके बाद पीएम ने दीनदयाल पर लोगों से खूब चर्चा की और यह बताया कि समाज के आखिरी छोर पर खड़े व्यक्ति के बारे में वह सदा चिंतित रहते थे।

पीएम को पहनाया 365 कमल के फूलों का हार

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मथुरा में जनकल्याण सभा के लिए मंच पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रदेश भाजपा ने 365 कमल के फूलों का हार पहनाकर जोरदार स्वागत किया। इस दौरान प्रदेश भाजपा प्रभारी ओम माथुर, प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन रामलाल, पर्यटन राज्य मंत्री डा. महेश शर्मा, मानव संसाधन राज्यमंत्री रमाशंकर कठेरिया, ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल उपस्थित रहे।

इससे पूर्व एटा के सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया, अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम, हाथरस से सांसद राजेश दिवाकर, फतेहपुर सीकरी से सांसद चौधरी बाबूलाल, बुलंदशहर से भोला सिंह, ब्रजक्षेत्र प्रभारी गोपाल टंडन, सभा संयोजक स्वतंत्रदेव सिंह, ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने भी पीएम का स्वागत किया।

जनकल्याण सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत का मौका मंच पर सिर्फ क्षेत्रीय सांसदों को दिया गया। खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को न तो प्रधानमंत्री के साथ मंच पर स्थान मिला, न मंच पर पहुंचकर स्वागत करने का मौका दिया गया। डुमरियागंज के सांसद जगदम्बिका पाल, पूर्व सांसद एसपी सिंह बघेल, गाजियाबाद के पूर्व सांसद रमेश तौमर को भी यह मौका नहीं दिया गया।

हम तौ हेलीकॉप्टर देखिवे कूं आए ऐं...

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नगला चंद्रभान में तपती दोपहरी में आए गांव बिसू के बालकन कूं नांय मालूम कै आज यहां कहा है। इतनी पतौ है कि यहां प्रधानमंत्री आइ रहें ऐं और वे हेलीकॉप्टर ते आमिंगे। हम तो हेलीकॉप्टर देखिवे कूं आए ऐं...।  निकटवर्ती गांव बिसू के आठ साल के भोला, नौ साल के देवीचरन, दस साल के जयपाल, सन्नी, शाहरुख बोले हमें नांय पतौ आज यहां कहौ ए। हमें तौ हेलीकाप्टर देखने ऐं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल व मोदी की अगवानी करने आने वाले कारागार मंत्री बलराम सिंह यादव के हेलीकॉप्टर के लिए बनाए गए पांच हेलीपेड पर हेलीकॉप्टर देखने का आकर्षण बालकों का खींच लाया।

भीषण गर्मी, पारा 46 पार, पहले अपने गांव-शहर से बस और उसके बाद दो से चार किलोमीटर का पैदल सफर। प्यास से सूखता हलक, पसीने से तर शरीर। पसीना पोंछते लोग आगे बढ़े जा रहे थे। इनके जोश के आगे पारा भी फीका पड़ा तो सभा स्थल का पांडाल छोटा पड़ गया। यह जुनून था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुनने का। उन्हें सुनने के लिए लोगों ने खूब पसीना बहाया। युवाओं का जोश तो इस कदर हिलोरे मार रहा था कि मोदी को भी अपने भाषण के बीच में उनके जोश को सलाम करना पड़ा।

आगरा की ओर आने वाले रैली के वाहनों को फरह बाईपास पर पेट्रोल पंप के पास रोक दिया गया। यहां से लगभग दो किलोमीटर पैदल चलकर लोग रैली स्थल तक पहुंच रहे थे। उधर, मथुरा की ओर से आने वाले वाहनों को एनएच टू पर टोल प्लाजा के पास रोक दिया गया। यहां से भी रैली स्थल लगभग दो किलोमीटर दूर था। अछनेरा, किरावली, फतेहपुर सीकरी की ओर से आने वाले लोगों को सबसे अधिक पैदल चलना पड़ा। उनके वाहन चार किलोमीटर पहले स्थित एमजी कालेज के पास रोक दिए गए थे। पैदल चलते, नारे लगाते लोग रैली स्थल पर पहुंच रहे थे।

अपने रिपोर्ट कार्ड पर जनता से ही लिए ‘अच्छे नंबर’

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मोदी की संवाद शैली के विरोधी भी कायल हैं। किसी बात को किसी तरह से और किस अंदाज में कहना है, वह बखूबी जानते हैं। ‘जनकल्याण सभा’ में भी वह पूरे रंग में दिखे। बात चाहे सरकार के वादों पर खरा उतरने की हो या फिर विपक्ष की नाकामियों की, मोदी ने हामी जनता से ही भरवाई। जनता से ही अपने रिपोर्ट कार्ड पर जनता से ही ‘अच्छे नंबर’ लिए। वह बिना रुके 55 मिनट अपनी सरकार की उपलब्धियों और पूर्ववर्ती सरकार की असफलताओं पर बोले।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाषण की शुरूआत चिरपरिचित अंदाज में की। सबसे पहले तो उन्होंने सरकार के 365 दिन पूरे होने पर रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करने के लिए नगला चंद्रभान (फरह) को चुनने की भावनात्मक वजह बताकर लोगों का दिल जीता। फिर अपने पुराने वादे ‘अच्छे दिन’ का अनुवाद बुरे दिनों की विदाई में कर डाला। सरकार का एक काम बताते और गरीबों को पहुंचे लाभ का जिक्र करते। फिर जनता से बार-बार पूछा कि ‘बुरे दिन गए कि नहीं?’ जनता ने भी हाथ हिलाकर उन्हें पूरे नंबर देने में कोताही नहीं बरती।

यह अलग बात है कि पीछे से यदि कोई पूछता तो वह उन्हें फर्स्ट डिवीजन वाले नंबर शायद नहीं देते। बहरहाल, पूरे नंबर मिलने के बाद वह पिछली सरकार की नाकामियों पर खूब बरसे। पूछा कि यदि वर्ष 2014 में चुनाव न हुए होते तो इस एक साल में घोटाले और बढ़ते या नहीं? जनता ने हाथ उठाकर हामी भर दी। इसके बाद तो वह अपनी सरकार की एक-एक उपलब्धि गिनाते रहे और जनता से उन पर खरा उतरने की तस्दीक कराते रहे।

कांग्रेसियों ने मुड़ाए सिर, दिखाए काले झंडे

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फरह आगमन पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आबिद हुसैन, यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रम वाल्मीकि ने सिर मुड़ाकर और काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस प्रशासन से झड़प होने और लाठी चार्ज में जिलाध्यक्ष आबिद हुसैन, सरवन अहमद, सिम्मी बेगम और ऊषा माहौर के चोट आई हैं।

देश और दुनियां में सुर्खियां बटोर रहे पीएम नरेंद्र मोदी ने दीनदयालधाम की झोली को खाली ही छोड़ दिया। दूसरे प्रधानमंत्री के तौर पर नगला चंद्रभान में आने वाले मोदी ने कोई भी सौगात ब्रजभूमि को नहीं दी।

यह वही भूमि है, जिसके विचार और चिंतन को लेकर भाजपा काम कर रही है। इसी कारण केंद्र सरकार के कार्यकाल को एक साल पूरे होने पर भाजपा ने उपलब्धियों का बखान करने के लिए इस भूमि का चयन किया। सोमवार को यहां जनकल्याण सभा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने भगवान श्रीकृष्ण के साथ दीनदयाल उपाध्याय के विचारों के अनुरूप काम करने की मंशा जाहिर की लेकिन इस पवित्र भूमि को कोई सौगात नहीं दी।

उन्होंने न तो पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर कोई योजना की घोषणा की और न दीनदयालधाम के लिए कोई तोहफा दिया। इससे पहले यहां 2001 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी जनसभा को संबोधित किया था। उन्होंने पंडित उपाध्याय के मूल उद्देश्य को लेकर इसी भूमि से देश के गरीबों के लिए अंत्योदय योजना की घोषणा की थी।

इसी दिन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की ही मौजूदगी में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदेश को पहला वेटरिनरी विवि इसी भूमि पर स्थापित किया था। उम्मीदें सोमवार को भी ब्रजवासियों को बहुत थीं लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने दीनदयाल उपाध्याय की झोली को खाली ही छोड़ दिया।

ट्विटर पर टॉप ट्रेंड हुआ ‘मोदीइनमथुरा’

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वर्तमान एनडीए सरकार की एक साल की उपलब्धियों पर मथुरा के नगला चंद्रभान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सोशल मीडिया में छा गया। ट्विटर पर ‘मोदीइनमथुरा’ नाम से बने हैशटैग को भारत ही दुनिया में टॉप ट्रेंडिंग मिली है। सरकार के रिपोर्ट कार्ड में युवाओं ने यूरिया पर नीम की कोटिंग को युवाओं ने खूब सराहा। इसे तकनीक का सही इस्तेमाल बताते हुए नेट यूजर्स मोदी विरोधियों पर जमकर बरसे।

सोमवार को फरह के दीनदयालधाम में हुई रैली में पीएम के भाषण को सोशल मीडिया के जरिए प्रसारित करने के लिए भी भाजपा आईटी सेल ने पूरी तैयारी कर ली थी। आईटी सेल के ब्रज क्षेत्र संयोजक मयंक लवानियां के अनुसार सभा स्थल के पास ही लगभग सौ कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर कवरेज के लिए जुटे थे। 25 लैपटॉप के साथ टेक्नोक्रेट्स की एक टीम हर बिंदु को तुरंत आभासी दुनिया में भेज रही थी। लखनऊ और दिल्ली में भी आईटी सेल ने जिम्मेदारी संभाली।

रैली से पहले आईटी सेल का लक्ष्य मोदी के भाषण को ट्विटर पर टॉप थ्री टे्रंड में लाना था लेकिन टीम ने इसे देश और दुनिया में नंबर एक बनाने में सफलता पाई। लखनऊ सेल के संयोजक अनिल तिवारी के एकाउंट से शुरू हुआ हैशटैग ‘मोदीइनमथुरा’ रैली खत्म होने तक शीर्ष पर आ गया था। इसमें सबसे ज्यादा कमेंट लोगों ने यूरिया में नीम की कोटिंग के इस्तेमाल पर किए। युवाओं इसे तकनीक का सही इस्तेमाल बताया। वहीं कोल ब्लॉक आवंटन, किसानों के लिए सॉइल हेल्थ कार्ड और नई पेंशन योजना की वाहवाही की।

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