IS से जुड़े हैं 7 भारतीय, मिली अहम भूमिका
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इराक और सीरिया में पैठ बना चुके खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के साथ अभी केवल सात भारतीय ही जुडे़ हैं। इनमें से एक तो लड़ाके की भूमिका में है, जबकि छह अन्य आईएस की ओर से लड़ते हुए मारे जा चुके हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अभी सात भारतीय आईएस से जुडे़ हुए हैं। इसमें से दो मुंबई के बाहरी इलाके कल्याण और एक ऑस्ट्रेलिया में रह रहा कश्मीरी युवक है।
जबकि इस आतंकी संगठन में शामिल होने वाले चार लड़ाके तेलंगाना, बंगलूरू, ओमान और सिंगापुर से हैं। वहीं, आईएस के बैनर तले काम करने वाले छह भारतीय मारे जा चुके हैं।
इनमें से सुल्तान अजमेर शाह और बड़ा साजिद समेत तीन इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी थे, जबकि दो महाराष्ट्र और एक तेलंगाना से थे।
सुरक्षा एजेंसियों सोशल साइटों पर रख रही निगाह
खुफिया एजेंसियों का हवाला देते हुए सूत्रों ने बताया कि आईएस की ओर से मौजूदा समय में सिर्फ एक भारतीय को ही लड़ने के लिए घातक रायफल थमाई गई है। यह भारतीय कल्याण से है।
इससे पहले भारतीय युवाओं के आईएस में शामिल होने पर शनिवार को ही उच्च स्तर के सुरक्षा विशेषज्ञों ने खास चर्चा की थी। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह सचिव एलसी गोयल ने की थी।
बैठक में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और आंध्र प्रदेश समेत 12 राज्यों के पुलिस महानिदेशक और प्रमुख सचिव शामिल हुए। बैठक में युवाओं के सोशल साइटों के जरिए आईएस जैसे आतंकी संगठनों के प्रभाव में आने को लेकर सरकार ने कई ऐहतियाती कदम उठाने का फैसला किया है।
सूत्रों के मुताबिक अब सोशल मीडिया पर नजर रखनी शुरू हो गई है। साथ ही यह कोशिश भी की जा रही है कि मुस्लिम समुदाय को भरोसे में लिया जाए। हाल ही में अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट में सुरक्षा एजेंसियों ने आईएस के भारत को लक्ष्य बनाने के बारे में आगाह किया था।
छह को मिला है खाना बनाने और गाड़ी चलाने का काम
सूत्रों ने बताया कि मौजूदा वक्त में एक को छोड़कर बाकी छह भारतीयों को आईएस ने अपने विरोधियों से मुकाबले की अनुमति नहीं दी है। इन्हें लड़ाकों की मदद के काम में लगाया गया है। खास तौर पर खाना बनाने, गाड़ी चलाने और सहायकों की ही भूमिका में रखा गया है।
17 युवकों को आईएस में शामिल होने से रोका गया
सूत्रों ने बताया कि देश के 17 युवकों को आईएस में शामिल होने से रोका गया है। इन युवकों में से ज्यादातर तेलंगाना राज्य से हैं। ये युवक सीरिया जाने के लिए निकले थे, मगर इन्हें समय रहते ही रोक दिया गया।
महाराष्ट्र के पास है कारगर रणनीति
महाराष्ट्र और तेलंगाना को आईएस से जुड़े मामलों का निपटारा करने के लिए पहले से ही एक कारगर मॉडल है। कुछ मामलों में गिरफ्तारी भी की जाएगी। हालांकि एजेंसियों का मानना है कि गिरफ्तारी पहला विकल्प नहीं है।