यूपी: ट्रिपल मर्डर का सनसनीखेज खुलासा
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मुजफ्फरनगर में बहादरपुर के तिहरे हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए चार सिरफिरे सीरियल किलर्स को उत्तराखंड के देहरादून से गिरफ्तार किया है। ये चंद रुपयों के लिए अब तक नई मंडी कोतवाली क्षेत्र में ही छह लोगों का बेरहमी से कत्ल कर चुके हैं। महज लूटपाट के लिए हत्याएं करने वाले सिरफिरों ने बहादरपुर के तीन युवकों की हत्या भी लूटपाट के लिए ही की थी, जिनसे इन्होंने कुछ रुपये, मोबाइल और दो साइकिलें लूटी थीं।
शुक्रवार शाम पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता करते हुए डीएम कौशलराज शर्मा और एसएसपी एचएन सिंह ने सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड से पर्दा उठा दिया। अफसरों ने बताया कि मामले में बिलासपुर निवासी गुलफाम, मोहसिन, अनीस और यूनुस को गिरफ्तार किया गया है।
उनके कब्जे से तीन साइकिल, चार सिम कार्ड और एक मोबाइल बरामद किया गया है। इनमें दो साइकिलें बहादरपुर के सुंदर और सुरेंद्र से लूटी गईं थीं। गुलफाम मुख्य आरोपी है, जो पूरी तरह नशेड़ी है और साथियों के साथ मिलकर चंद रुपयों के लिए वारदातों को अंजाम देता था।
तिहरे हत्याकांड को दिया अंजाम
चार अक्तूबर की रात भी आरोपी पैदल ही डंडे आदि लेकर जानसठ रोड पर पहुंचकर बहादरपुर मार्ग पर चल दिए थे। वहां पहले उन्होंने सुंदर, फिर सुरेंद्र और आखिर में कुंवरपाल को निशाना बनाया।
इनमें सुंदर और सुरेंद्र से साइकिल व मोबाइल तथा कुंवरपाल से मोबाइल और नकदी लूटी गई। तीनों हत्याओं के बाद आरोपी लूटी गई साइकिलों से बिलासपुर में घर पहुंचकर सो गए। अगले दिन जब हत्याओं के बाद बवाल शुरू हुआ तो सभी लोग देहरादून निकल गए।
तब से वे बीच-बीच में आकर पुलिस गतिविधियों और हालात की जानकारी लेते रहे थे। आईजी आलोक शर्मा ने मामले का खुलासा करने वाली टीम को दस हजार और एसएसपी ने पांच हजार रुपये इनाम दिए जाने की घोषणा की है।
जानसठ रोड से शुरू हुआ कत्ल का सिलसिला
बेरहम हत्यारों ने कत्लोगारत का यह सिलसिला 23 सितंबर की रात शहर के जानसठ रोड स्थित स्टेपिंग स्टोंस पब्लिक स्कूल के पास से शुरू किया था। कातिलों ने सबसे पहले शहर के इंदिरा कॉलोनी निवासी देवेंद्र से पर हमला कर लूटपाट करने के बाद उसे घायलावस्था में सड़क पर ही छोड़ दिया था। पुलिस ने देवेंद्र को हादसे में घायल होना मानकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां से उसे मेरठ रेफर कर दिया गया था। वहां उसकी मौत हो गई थी।
सहारनपुर के गांव सिमलाना निवासी मुकेश इनका दूसरा शिकार बना। 25 सितंबर की रात आरोपियों ने उसकी भी डंडो से हत्या कर मोबाइल-नकदी लूटने के बाद लाश को वहीं सड़क से कुछ दूरी पर कूड़े के ढेर के पीछे छिपा दिया था। बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस ने गुरुवार देर रात उसका नरकंकाल घटनास्थल से बरामद किया है, जिसकी कपड़ों के आधार पर शिनाख्त हो गई है।
गांव शेरनगर निवासी ढाबा मालिक अख्तर उर्फ भूरा कातिलों का तीसरा शिकार बना। 27 सितंबर को उसकी जानसठ बाईपास के निकट हत्या कर दी गई और 1500 रुपये लूटकर लाश को रजवाहे की पुलिया के नीचे छिपाकर कातिल फरार हो गए थे। इसके बाद चार अक्तूबर की रात कातिलों ने बहादरपुर में तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया। सुंदर के परिजनों ने कातिलों के पास से बरामद की गई उसकी साइकिल की पहचान कर ली है।