महाबोधि मंदिर पर आतंकी हमला, 9 सीरियल धमाके
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विश्व में सत्य, अहिंसा और करुणा का संदेश देने वाले भगवान बुद्ध की ज्ञान स्थली बिहार का बोधगया रविवार को पहली बार आतंकी हमले से थर्रा गया।
बौद्धों के आस्था के सबसे बड़े केंद्र और भगवान बुद्ध की इस ज्ञानभूमि पर आतंकियों ने एक के बाद एक नौ धमाके किए। दो-दो मिनट के अंतराल पर हुए कम तीव्रता वाले इन धमाकों में दो विदेशी लामा घायल हो गए।
टाइमर लगाकर किए गए इन धमाकों को इंडियन मुजाहिद्दीन की करतूत माना जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
महाबोधि ब्लास्टःअलर्ट के बावजूद क्यों हुई चूक?
राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक एसके भारद्वाज ने कहा कि धमाके के लिये अमोनियम नाइट्रेट, आरडीएक्स और टीएनटी तथा टाइमर का इस्तेमाल किया गया।
पिछले दिनों दिल्ली में गिरफ्तार आईएम आतंकियों से पूछताछ में महाबोधि मंदिर पर मंडरा रहे खतरे की जानकारी मिली थी। इसके बावजूद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था चौक चौबंद नहीं की गई।
पुलिस ने बताया कि ब्लास्ट के लिए दो-दो किलो के सिलिंडर बमों का इस्तेमाल किया गया। धमाके के बाद पूरे बोधगया की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। ब्लास्ट की सूचना मिलते ही शासन और प्रशासन में हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार भी बोधगया पहुंच गए। उन्होंने अधिकारियों के साथ मंदिर परिसर सहित सभी ब्लास्ट स्थलों का निरीक्षण किया।
तस्वीरों में देखिए धमाकों से थर्रा उठा महाबोधि मंदिर
उल्लेखनीय है कि यहां श्रीलंका, चीन, जापान और एशिया के अन्य देशों से आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। राज्य के पुलिस महानिदेशक अभयानंद ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है ताकि धमाके के सुराग मिल सके।
पुलिस के मुताबिक पहला विस्फोट सुबह 5:10 बजे महाबोधि मंदिर के पीछे स्थित बोधि वृक्ष के पास हुआ। ब्लास्ट के बाद मंदिर परिसर में भगदड़ मच गई। इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता दो-दो मिनट के अंतराल पर मंदिर परिसर में तीन और धमाके हो गए।
तस्वीरों में देखिए बोधगया का महाबोधि मंदिर
चौथे विस्फोट के ठीक 10 मिनट बाद 17वें करमापा उग्येन त्रिनले दोरजे के निवास स्थान तेरगर मोनेस्ट्री में तीन बम ब्लास्ट हुए। एक के बाद एक सात धमाकों से अभी लोग संभले भी नहीं थे कि भगवान बुद्ध की 80 फीट की प्रतिमा के पीछे आठवां धमाका हो गया। इसके साथ ही एक धमाका पर्यटक बस में हुआ।
अधिकारियों को घटनास्थल से उर्दू में लिखी कागज की तीन-चार पर्चियां मिलीं है। इन पर क्या लिखा है, अधिकारी फिलहाल इसकी जानकारी नहीं दे रहे हैं।
धमाकों के बाद नीतीश पर विपक्ष का हमला
धमाकों के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली समेत देश के आठ बडे़ शहरों में सतर्कता बढ़ाने और बौद्ध धर्मस्थलों की सुरक्षा पुख्ता करने के निर्देश जारी किए हैं।
मंत्रालय ने दिल्ली के साथ ही मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, चेन्नई, बंगलूरू, हैदराबाद और पुणे के प्रशासन से कहा है कि वे म्यांमार में मुसलमानों और बौद्धों के बीच झड़पों को देखते हुए बौद्ध धर्मस्थलों की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करें।
मंदिर पर हमले का भटकल कनेक्शन
बोधगया में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में ऐतिहासिक महाबोधि मंदिर और बोधिवृक्ष को बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है। भगवान बुद्ध की 80 फीट ऊंची प्रतिमा भी पूरी तरह से सुरक्षित है।
फिर भी मंदिर के विश्व धरोहर के दर्जे को देखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को धमाकों से मंदिर को हुए नुकसान का पता लगाने और उसे दुरुस्त करने का निर्देश दे दिया गया है।
महाबोधि मंदिर का महत्व
महाबोधि मंदिर बौद्धों के आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। 566-486 ईसा पूर्व बोधि वृक्ष के नीचे ही भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। महाबोधि मंदिर का निर्माण 260 ईसा पूर्व सम्राट अशोक ने कराया था। जून 2002 में यूनेस्को की ओर से इसे विश्व विरासत का दर्जा मिल चुका है।
धार्मिक स्थलों पर हुए बड़े आतंकी हमले
11 अक्तूबर, 2007: अजमेर की प्रसिद्घ ख्वाजा मोहनुद्दीन चिश्ती की दरगाह परिसर में धमाका। दो लोगों की मौत, 28 घायल।
04 अक्तूबर, 2006: श्रीनगर में आतंकियों ने लाल चौक स्थित दशनामी अखाड़े की इमारत पर हमला किया। मुठभेड़ में सीआरपीएफ के 11 जवान शहीद हुए। दो आतंकी मारे गए।
12 जून, 2006: अमरनाथ यात्रा में बाधा डालने के इरादे से आतंकियों ने जम्मू बस अड्डे व अनंतनाग में हमले किए। 10 मरे, 36 घायल।
07 मार्च, 2006: वाराणसी के संकट मोचन मंदिर और कैंट स्टेशन पर बम धमाके में 28 की मौत।
05 जुलाई, 2005: अयोध्या में राम जन्मभूमि पर आतंकी हमला। छह आतंकी मारे गए।
24 नवंबर, 2002: जम्मू स्थित रघुनाथ मंदिर में आतंकी हमले में नौ लोगों की मौत हो गई। 40 घायल हो गए।
24 सितंबर, 2002: गुजरात के प्रसिद्घ अक्षरधाम मंदिर पर हमले में 24 लोगों की मौत।
30 मार्च, 2002: जम्मू के 150 साल पुराने रघुनाथ मंदिर पर हमला। 10 लोग मारे गए।