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महाबोधि मंदिर पर हमला: किसने क्या कहा

Sun, 07 Jul 2013 08:49 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Sun, 07 Jul 2013 08:49 PM IST
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serial blasts proves nitish givt inability

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोधगया के महाबोधि मंदिर में रविवार सुबह हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की निंदा की है।

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उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि महाबोधि मंदिर पर कायरतापूर्ण हमला देश के लोगों और दुनियाभर के बौद्ध समुदाय के लिए दुखद है।

वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह के हमले कतई बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी इस घटना की निंदा की।

सुरक्षा में चूक पर उठे सवाल


वहीं राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू यादव ने इसे बिहार सरकार की नाकामी करार दिया है।

लालू ने कहा, 'बोधगया में भगवान बुद्ध के मंदिर पर जो आतंकी हमला हुआ है मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। मेरे शासन में ऐसी घटना नहीं हुई। आईबी के रिपोर्ट के बावजूद क्या तैयारी गई, इसका जवाब देना होगा।'
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महाबोधि मंदिर पर आतंकी हमला, 8 सीरियल धमाके
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उन्होंने कहा कि यह केवल बिहार का मामला नहीं, क्योंकि यह मंदिर अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर है। चीन, सिंगापुर, थाईलैंड और श्रीलंका समेत तमाम मुल्कों से लोग यहां आते हैं।

तस्वीरों में देखिए बोधगया का महाबोधि मंदिर


लालू के मुताबिक, 'यह चिंता का विषय है। कानून-व्यवस्था राज्य सरकार का काम है। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर में मैनेजमेंट पर कब्जे के लिए अंदरूनी लड़ाई भी जारी है। मंदिर के अंदर विस्फोटक कैसे पहुंचा, यह सवाल गंभीर है।

हाल तक नीतीश सरकार का हिस्सा रही भाजपा ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है। भाजपा के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, 'यह हमला दुर्भाग्यपूर्ण है और राष्ट्रीय चिंता का विषय है।'

महाबोधि मंदिर पर हमले का भटकल कनेक्शन

उन्होंने कहा, 'अफसोस की बात है कि सरकार राष्ट्रविरोधियों से निपटने के बजाय अपने राजनीतिक विरोधियों को निपटाने में ऊर्जा खर्च कर रही है।'

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नकवी ने कहा, 'अगर पहले से खुफिया जानकारी मिल गई थी, तो सुरक्षा इंतजामात पुख्ता किए जाने चाहिए थे। राज्य में कोई भी सरकार हो, लेकिन आंतरिक सुरक्षा का मामला केंद्र सरकार से जुड़ा होता है। गंभीरता से सोचने की जरूरत है कि इस सिलसिले में पहले कड़े कदम क्यों नहीं उठाए गए।'

राजनीतिक हस्तियों की प्रतिक्रियाएं--
विस्फोट निंदनीय है। एक तरह से यह हिंसा की मूर्खतापूर्ण कार्रवाई है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना है। लोग शांति बनाए रखें और हमले के आरोपियों को सजा दिलाने में प्रशासन की मदद करें।--प्रणब मुखर्जी, राष्ट्रपति

हमले की जितनी निंदा की जाए कम है। हमारी मिलीजुली संस्कृति और परंपरा सभी धर्मों का सम्मान करने की सीख देती है। धार्मिक स्थलों पर इस तरह के हमले कतई बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।--मनमोहन सिंह, प्रधानमंत्री


श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने बिहार के महाबोधि मंदिर में हुए सिलसिलेवार धमाकों पर क्षोभ और निराशा व्यक्त की है। राष्ट्रपति ने मंदिर के मुख्य अधिकारी से बात की है और विदेश मंत्रालय और भारत में श्रीलंका के उच्चायोग से कहा है कि वे उनको जांच और संबंधित रिपोर्टों से अवगत कराते रहें।--विजयानंद हेराथ, राष्ट्रपति राजपक्षे के मीडिया संयोजक

विस्फोट निंदनीय है। महाबोधि मंदिर केंद्र सरकार के संरक्षित स्मारकों में नहीं है। फिर भी विश्व धरोहर के उसके दर्जे को देखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को इस मंदिर को हुए किसी भी नुकसान का पता लगाने और उसे दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। पटना से सर्वेक्षण की एक टीम बोधगया जा रही है।--चंद्रेश कुमार कटोच, केंद्रीय संस्कृति मंत्री

भाजपा बोधगया में हुए विस्फोटों की निंदा करती है। जब सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही आगाह कर दिया था तो सरकार उस पर अमल क्यों नहीं कर सकी। विस्फोट केंद्र सरकार की विफलता का नतीजा है। यूपीए सरकार आंतरिक तथा बाहरी सुरक्षा के मामले में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।--राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा

भाजपा धमाकों की कडे़ शब्दों में निंदा करती है। इसमें शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। बोधगया में आतंकवादी हमलों की आशंका के बारे में खुफिया रिपोर्टों को गंभीरता से नहीं लिया गया। जो लोग वोटों की राजनीति के लिए गुप्तचर ब्यूरो को नियंत्रित कर रहे हैं, उन्हें इस सवाल का जवाब देना चाहिए कि आखिर खुफिया रिपोर्टों को क्यों नजरंदाज किया गया।--रविशंकर प्रसाद, वरिष्ठ नेता भाजपा

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