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ओमप्रकाश चौटाला व अजय चौटाला को 10 साल की सजा
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jan 2013 09:34 PM IST
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जेबीटी भर्ती घोटाले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला, उनके पुत्र अजय चौटाला सहित 10 लोगों को दस-दस साल कैद की सजा सुनाई गई है। अदालत ने मामले में एक दोषी को पांच साल और 44 अन्य को चार-चार साल कैद की सजा सुनाते हुए तिहाड़ जेल भेज दिया।
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कोर्ट के इस फैसले से हरियाणा के चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। मंगलवार को चौटाला पिता-पुत्र समेत 55 दोषियों की सजा पर फैसला आने से पहले दिल्ली में रोहिणी स्थित कोर्ट के बाहर चौटाला समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। झड़प में आठ पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए।
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10 साल की सजा पाने वालों में चौटाला पिता-पुत्र और शेर सिंह बडशामी समेत तीन विधायक और दो आईएएस अधिकारी संजीव कुमार और विद्या धर भी शामिल हैं। रोहिणी स्थित विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार ने दोषियों को सजा में नरमी बरतने के आग्रह को ठुकराते हुए कहा कि इन लोगों ने जो अपराध किया है वह नरमी बरतने लायक नहीं है।
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फैसला सुनाए जाने के वक्त चौटाला अस्पताल में भर्ती होने के कारण अदालत में मौजूद नहीं थे। अदालत ने सभी को आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत ने घोटाले के दौरान जिला प्रशासन के तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई को जांच करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि अगर ये लोग दोषी पाए जाते हैं तो इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। सजा सुनाए जाने के बाद यदि हाईकोर्ट से चौटाला पिता-पुत्र को दोष और सजा पर स्टे नहीं मिलता है तो उनके अगले चुनाव लड़ने पर तलवार लटक सकती है, जिससे 2014 के चुनाव में हरियाणा में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
मालूम हो कि 3206 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती में घोटाले का खुलासा सितंबर 2003 में पूर्व प्राथमिक शिक्षा निदेशक संजीव कुमार की सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर आदेश के बाद हुआ था। तब सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को जांच करने का आदेश दिया था।
सीबीआई ने जांच के बाद 2008 में 17 महिलाओं समेत 62 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। उन पर आरोप था कि 1999 व 2000 के दौरान उन्होंने घोटाले की साजिश रची। योग्य उम्मीदवारों की सूचियों में हेरफेर कर उनमें घूस देने वाले उम्मीदवारों के नाम शामिल किए गए। मामले की सुनवाई के दौरान छह आरोपियों की मृत्यु हो गई।
चौटाला को सीसीयू में शिफ्ट किया
मंगलवार को जब सजा सुनाई गई तब ओमप्रकाश चौटाला जीबी पंत अस्पताल में भर्ती थे। उनकी स्थिति ऐसी नहीं थी कि उन्हें अदालत में पेश किया जा सके। जैसे ही सूचना दी गई कि उन्हें दस साल की कैद की सजा सुनाई गई, उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें सीसीयू में शिफ्ट किया गया।
देसी बम फेंके जाने की अफवाह
चौटाला समर्थकों ने पुलिस की ओर से दागा गया आंसू गैस का एक गोला अदालत परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों पर फेंक दिया। इससे धमाका होने के बाद यह अफवाह फैल गई कि चौटाला समर्थकों ने अदालत परिसर में देसी बम फेंका है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने बम फेंके जाने की घटना से साफ इनकार किया है।
राजनीतिक सफर पर संकट
पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला दोनों अभी विधायक हैं। यदि हाईकोर्ट की ओर से उनकी सजा पर रोक नहीं लगाई जाती है तो उन्हें अगले साल चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
चौटाला की पार्टी इनेलो अभी हरियाणा विधानसभा में 30 विधायकों के साथ सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है। यदि चौटाला पिता-पुत्र 2014 में चुनाव नहीं लड़ पाते हैं तो यह इनेलो के लिए तगड़ा झटका होगा। जन प्रतिनिधित्व कानून के प्रावधान के तहत दो साल से ज्यादा की सजा पा चुका व्यक्ति दोषी ठहराए जाने की तिथि से लेकर जेल से रिहा होने के छह साल बाद तक अयोग्य रहता है।
नरमी नहीं की जा सकती: कोर्ट
यह गंभीर अपराध है। जिस तरह से राजनेताओं और नौकराशाहों ने मिलीभगत करके बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवारों को उनके संवैधानिक हक से वंचित कर दिया। ऐसे में मुझे नहीं लगता कि इस साजिश को रचने और अंजाम देने वाले दोषियों को सजा देने में किसी तरह की नरमी बरती जानी चाहिए।--जज विनोद कुमार, फैसले में
10 साल की सजा पाने वाले
ओम प्रकाश चौटाला
अजय चौटाला
संजीव कुमार
विद्या धर
शेर सिंह बडशामी
दुर्गा दत्त प्रधान
बनी सिंह
दया सैनी
मदन लाल कालरा
राम सिंह
5 साल की सजा
पुष्करमल वर्मा
44 अन्य को मिली 4 साल की सजा