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FIR दर्ज न करने वाले पुलिसकर्मियों को होगी जेल!
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Mon, 10 Jun 2013 12:25 AM IST
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एफआईआर दर्ज करने से इंकार करने वाले पुलिसकर्मियों को एक साल के लिए जेल जाना पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने राज्यों को सख्त निर्देश देते हुए ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा चलाने को कहा है।
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गृहमंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र प्रशासित प्रदेशों से कहा है कि वे सभी पुलिस थानों को स्पष्ट हिदायत दे दें कि किसी भी संज्ञेय अपराध की जानकारी मिलने पर एफआईआर दर्ज नहीं करने पर ड्यूटी पुलिस अधिकारी के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा और उन्हें एक साल तक की कैद भी हो सकती है।
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यह मुकदमा आईपीसी की धारा 166ए (लोकसेवक अवहेलना कानून) के तहत चलाया जाएगा। अपने हालिया निर्देश में मंत्रालय ने सभी राज्यों से कहा है कि पुलिसकर्मियों को शिकायतों के प्रति संवेदनशील होते हुए तत्परता दिखानी चाहिए।
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चाहे यह शिकायत किसी व्यक्ति या महिला की हो। साथ ही शिकायत के बाद तुरंत आरोपी को पकड़ा जाना चाहिए। पुलिस की निष्क्रियता के चलते अकसर आरोपी अपराध करने के बाद फरार हो जाते हैं।
16 दिसंबर 2012 को दिल्ली गैंगरेप मामले में भी क्षेत्राधिकार के मसले को लेकर एफआईआर दर्ज करने में देरी के आरोप लगे हैं। ऐसे ही आरोप पूर्वी दिल्ली की पुलिस पर भी लगे हैं, जहां मार्च में पांच वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार के मामले में पुलिस ने शुरुआत में शिकायत दर्ज करने से ही इंकार कर दिया था।
कानूनी हालात का हवाला देते हुए गृहमंत्रालय ने एडवाइजरी में कहा है कि पुलिस को संज्ञेय अपराध की जानकारी मिलने पर एफआईआर अवश्य दर्ज करनी चाहिए।
एफआईआर दर्ज करने के बाद जांच में यह पाया जाता है कि मामला किसी अन्य पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है तो एफआईआर को उस पुलिस थाने स्थानांतरित की जा सकती है।