सेना बोली मुफ्ती अलगाववादियों के गॉडफादर
अलगाववादी नेता मशरत आलम की रिहाई पर शिवसेना ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद को अलगाववादियों का माई-बाप बताया है। साथ ही सेना ने उनकी गिरफ्तारी की भी मांग की है।
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा, "कश्मीर के अलगाववादियों को मुफ्ती मुहम्मद सईद के रुप में एक माई-बाप मिला है और उन्होंने ही इनकी ताकत को बढ़ाया है।" सामना में लिखा है कि जम्मू-कश्मीर में भाजपा की गठबंधन साझेदार की मानसिकता के कारण वहां पर चीजें सुलझने के बजाय और ज्यादा उलझ गई हैं।
सेना ने आरोप लगाया कि जिस वक्त भारत और पाकिस्तान के बीच सचिव स्तर की बात हो रही थी उसी वक्त पाकिस्तानी राजदूत अब्दुल बासित और अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की मुलाकात के पीछे सईद ही जिम्मेदार थे।
भगवा पार्टी ने कहा, "ऐसा कहा जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात पर चर्चा हुई और यह सब कुछ अचानक हुआ। इस मुलाकात के पीछे सीधे तौर पर मुफ्ती मुहम्मद सईद ही जिम्मेदार हैं।"
सईद को गीदड़ की औलाद बता चुकी है सेना
शिवसेना ने इससे पहले सामना के संपादकीय के जरिए मुफ्ती मोहम्मद सईद को गीदड़ की औलाद बताया था। वहीं दूसरी ओर शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने भी पीडीपी के साथ मिलकर गठबंधन की सरकार बनाने वाली भाजपा को संभलकर रहने की हिदायत दी थी।
सामना में छपे संपादकीय में कहा गया था कि पीडीपी सरकार से हाथ मिलाकर जम्मू-कश्मीर में बनाई गई सरकार भाजपा के लिए परेशानी का सबब बन रही है। सामना में लिखा गया कि मुफ्ती मोहम्मद सईद के शपथ ग्रहण समारोह के खत्म होते ही उन्होंने जहर उगलना शुरू कर दिया।
मुफ्ती मोहम्मद सईद के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे, लेकिन उनके सामने ही मुफ्ती ने शांतिपूर्ण चुनाव के लिए आतंकियों को श्रेय देकर सिद्ध कर दिया था कि वे खुद गीदड़ की औलाद हैं।