कश्मीर में नहीं है ISIS की मौजूदगी
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पश्चिम एशिया में अपनी सरकार चला रहे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन आईएस की जम्मू-कश्मीर में कोई पैठ नहीं है। पिछले दिनों घाटी के कुछ नौजवानों के आईएस का झंडा लहराने की घटनाओं का मकसद वहां तैनात सेना और सुरक्षा एजेंसियों को उकसाना और परेशान करना था। एजेंसियों ने घाटी में झंडा लहराने वाले 14 लड़कों से गहन पूछताछ की है।
एजेंसी के मुताबिक इन किशोरों ने भारत विरोधी तत्वों के बहकावे में ऐसा किया। पूछताछ में इन लड़कों ने बताया कि उनका इराक जाकर आईएस में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है।
खुफिया एजेंसी आईबी के उच्चपदस्थ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि इन लड़कों ने इंटरनेट से आईएस के झंडे की डिजाइन डाउनलोड कर उसे झंडे का शक्ल दिया। फिर मौका पड़ने पर उसे दूर से सुरक्षा बलों को दिखाया करते थे। यह घटना उस समय हुई जब आईएस इराक और सीरिया पर हमले कर रहा था।
झंडे लहराने की घटना से एजेंसियां हरकत में
सूत्रों के मुताबिक अखबारों में झंडे लहराने की घटना से एजेंसियां हरकत में आ गईं। एक बड़े तबके को लगने लगा था कि आईएस भारत में अपना मुहीम कश्मीर से शुरू कर चुका है। लेकिन पिछले दो महीने की गहन जांच के बाद यह साफ हो गया कि उस आतंकी संगठन ने अब तक अपनी पैठ घाटी में नहीं बनाई है।
अधिकारी ने बताया कि हालांकि आईएस की अल-अहबा जैसी इंटरनेट साइट से सुन्नी मुसलमानों से उनकी करतूतों में शामिल होने की अपील चिंताजनक है। एजेंसियां इसके प्रति पूरी तरह सतर्क हैं।
गौरतलब है कि हैदराबाद, महाराष्ट्र और कर्नाटक के करीब बीस लड़के इंटरनेट से ही प्रभावित होकर आईएस की तरफ आकर्षित हुए थे। अधिकारी के मुताबिक हाल ही में हैदराबाद के चार लड़कों की काउंसलिंग कर उन्हें जाने से रोका गया है। इसमें उनके परिवार का काफी अहम रोल था।