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मुजफ्फरनगर: दूसरे दिन भी बवाल, अतिरिक्त फोर्स तैनात

Thu, 07 Nov 2013 11:45 PM IST
अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Thu, 07 Nov 2013 11:45 PM IST
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second violence in muzaffarnagar

उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर के शाहपुर कस्बे में बृहस्पतिवार को दिन निकलते ही फिर बवाल शुरू हो गया। चिकित्सक से मिलकर थाने जा रहे लोगों पर मोहल्ला कस्सावान से निकली दूसरे समुदाय की भीड़ ने हमला कर दिया। ग्रामीणों पर पथराव और फायरिंग की।

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इसी दौरान मंसूरपुर रोड पर खेतों से निकले कुछ युवकों ने चिकित्सक की कार पर फायरिंग कर दी। लगातार हमलों से गुस्साए लोगों ने थाने में पहुंचकर हंगामा किया। बाद में गांव रसूलपुर में कई गांवों की पंचायत हुई, जिसमें लोगों ने आरपार की लड़ाई की चेतावनी दी है।
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उधर, देर शाम बुढ़ाना के वैल्ली गांव में खेत पर चारा लेने गए एक ग्रामीण की गला रेतकर हत्या कर दी गई। एडीजी कानून व्यवस्था मुकुल गोयल भी मुजफ्फरनगर पहुंचे और देहात क्षेत्र का दौरा किया।
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बुधवार रात एक युवक की हत्या के बाद गुस्साई भीड़ ने कस्बे में जमकर उत्पात मचाया था। चिकित्सक के क्लीनिक में भी तोड़फोड़ की गई थी। इस दौरान चिकित्सक पर हुए हमले के विरोध में गांव रसूलपुर और काकड़ा समेत कई गांवों के लोग उनके आवास पर पहुंचे थे।

वहां से ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों से थाने के लिए रवाना हुए। ग्रामीण जैसे ही मोहल्ला कस्सावान के सामने पहुंचे, गलियों से निकली भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। मौके पर पुलिस फोर्स होने के बावजूद भीड़ ने ग्रामीणों पर पथराव करते हुए हवाई फायरिंग शुरू कर दी। फोर्स ने किसी तरह भीड़ को खदेड़कर ग्रामीणों को वहां से निकाला।

वहीं, थाने जा रहे एक अन्य हॉस्पिटल के संचालक की कार पर मंसूरपुर रोड पर खेतों से निकले कुछ युवकों ने फायरिंग कर दी। बाद में इसकी तहरीर दी गई। हमले से गुस्साए लोग गांव रसूलपुर जाटान पहुंचे और गांव के बाहर कोल्हू पर पंचायत शुरू कर दी।

ग्रामीण की हत्या पर सनसनी

गांव वैल्ली के जंगल में चारा लेने गए ग्रामीण की हत्या के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। उसकी लाश बहुसंख्यक समाज के ग्रामीण के खेत में पड़ी मिली। वृद्ध की लाश मिलने से अल्पसंख्यकों में आक्रोश व्याप्त हो गया। तनावपूर्ण स्थिति के चलते गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।

एसएसपी एचएन सिंह का कहना है कि जिस तरह वृद्ध की हत्या कर लाश दूसरे समुदाय के ग्रामीण के खेत में डाली गई है, उससे साफ है कि मामले को दूसरा रूप दिए जाने की कोशिश की जा रही है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जनाजा सड़क पर रखकर हंगामा
शाहपुर के चांदपुर रोड पर बुधवार रात मारे गए एक युवक की लाश बृहस्पतिवार शाम करीब साढ़े छह बजे पोस्टमार्टम के बाद कस्बे में पहुंची। वहां से शव को सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए जाते समय लोगों ने मदरसे के निकट जनाजा रखकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों का भी घेराव किया गया।

लोगों ने युवक के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी और उसके परिजनों को मुआवजा दिए जाने के साथ ही तोड़फोड़ और आगजनी में नामजद 15 लोगों के नाम हटाने की मांग की। कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद ही शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पूरे दिन कस्बे में अघोषित कर्फ्यू के हालात रहे और बाजार पूरी तरह बंद रहे। पुलिस और आरएएफ के जवानों ने मुख्य मार्गों के साथ ही गलियों में भी फ्लैग मार्च किया।

कानून को अपना काम करने दीजिए : एडीजी
एडीजी कानून व्यवस्था मुकुल गोयल ने कहा कि जिले के लोग पंचायतों का दौर खत्म करें और दोनों समुदाय के लोग कानून को अपना काम करने दें। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। आपराधिक घटनाओं को भी सांप्रदायिक रूप दिया जा रहा है।

एडीजी (कानून व्यवस्था) का पदभार संभालने के बाद पहली बार मुजफ्फरनगर आए मुकुल गोयल ने बृहस्पतिवार को सिंचाई विभाग के डाक बंगले में पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि दंगे में छह हजार लोग नामजद हैं। एसआईटी दंगे की तफ्तीश कर रही है।

मोहम्मदपुर राय सिंह के जंगल में तीन युवकों की हत्या पीएसी की मौजूदगी में होने के सवाल पर एडीजी ने कहा कि पीएसी के पहुंचने से पहले ही तीनों की हत्या कर दी गई थीं। एडीजी के साथ आईजी जोन ब्रजभूषण भी साथ रहे।

मुजफ्फरनगर में अतिरिक्त फोर्स तैनात

लखनऊ। मुजफ्फरनगर के हालात के बारे में जानकारी देते हुए आईजी कानून-व्यवस्था आरके विश्वकर्मा ने बताया कि जिले में पहले से ही मौजूद पुलिस व पीएसी के अलावा वहां 14 डीएसपी, 225 सब इंसपेक्टर और 550 सिपाही अतिरिक्त भेजे गए हैं।


मुजफ्फरनगर के शाहपुर कस्बे में बुधवार को एक व्यक्ति की हत्या के बाद हुई आगजनी व तोड़फोड़ के बाद जिले की सांप्रदायिक स्थिति फिर तनावपूर्ण हो गई थी। आईजी ने कहा कि शाहपुर में हुई घटना दो पक्षों की व्यक्तिगत वैमनस्यता की वजह से हुई। इसका मुजफ्फरनगर के दंगे से संबंध नहीं है।

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