पिछली 27 सदियों के बराबर एक सदी में बढ़ा समुद्र का पानी
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दरअसल राजस्थान के भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने मंगलवार को बयान दिया कि जेएनयू कैम्पस में रोजाना 3 हजार बियर की केन और शराब की बोतलें और तीन हजार कंडोम बरामद होते हैं। 10 हजार सिगरेट के टुकड़े व 2 हजार बीड़ी के टुकड़े और कई मात्रा में गर्भ गिराने के इंजेक्शन मिलते हैं।
विधायक के बयान पर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मेरे व्हाट्सऐप पर ये आंकड़े किसी ने मैसेज किए और उसी के आधार पर उन्होंने यह बात कही।
हालांकि वे बाद में अपने बयान से पलट गए और उन्होंने कहा कि उनके ये आंकड़े गलत भी हो सकते हैं क्यों कि उन्होंने इस बात की सच्चाई का पता नहीं लगाया है।
वैज्ञानिकों ने एक शोध में पाई चौंकाने वाली हकीकत
रिपोर्ट के प्रमुख लेखक और रूटजर्स डिपार्टमेंट ऑफ अर्थ एंड प्लेनेटेरी साइंसेज के असोसिएट प्रोफेसर रॉबर्ट कोप ने बताया कि पिछली तीन सदियों के संदर्भ में 20वीं सदी की वृद्धि अभूतपूर्व थी। वैज्ञानिकों का यह शोध प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में प्रकाशित हुआ है।
अध्ययन में पाया गया कि जब ग्रह के तापमान में लगभग 0।2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई तो वैश्विक समुद्र जल स्तर में करीब आठ सेमी कमी आंकी गई। कोप ने कहा, यह हैरान करने वाला है कि हमने समुद्र जल स्तर के इस बदलाव को वैश्विक तापमान में हल्की गिरावट के साथ जुड़ा हुआ देखा।
तुलनात्मक तौर पर देखा जाए तो आज वैश्विक औसत तापमान 19वीं सदी के अंत के तापमान से एक डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। उन्होंने कहा, हर रिकॉर्ड किसी स्थान विशेष का समुद्र स्तर मापता है, जहां इसे कई प्रक्रियाओं से गुजारना होता है। इसके चलते यह वैश्विक मान से अलग हो जाता है। सांख्यिकी चुनौती वैश्विक संकेत निकालने की है। हमारा सांख्यिकी नजरिया हमें ऐसा करने देता है।