फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Scientists question Tamil Nadu government's claim that meteorite blast killed bus driver in Vellore

पहली बार उल्का पिंड से हुई किसी इंसान की मौत?

Tue, 09 Feb 2016 12:44 PM IST
Updated Tue, 09 Feb 2016 12:44 PM IST
विज्ञापन
Scientists question Tamil Nadu government's claim that meteorite blast killed bus driver in Vellore

तमिलनाडु के वेल्लोर में स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में शनिवार को एक जबरदस्त धमाका हुआ था। इसके अगले ही दिन तमिलनाडु सरकार ने यह दावा किया कि यह धमाका उल्का पिंड की वजह से हुआ था। जिस पर कई वैज्ञानिकों ने सवाल उठाए।

विज्ञापन


वैज्ञानिकों का कहना है कि पहले ऐसी कोई घटना नहीं हुई फिर किस आधार पर तमिलनाडु सरकार ने इसकी पुष्टि कर दी कि यह धमाका उल्का पिंड की वजह से ही हुआ था। हालांकि, धमाके वाले दिन राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला के एक वैज्ञानिक ने घटना स्थल का जायजा लेने के बाद कहा था कि धमाका उल्का पिंड की वजह से ही हुआ। वह वैज्ञानिक 26 जनवरी को भी इसी तरह के एक घटना की जांच कर रहा था और कॉलेज के पास ही अपना शिविर लगाया था।
विज्ञापन


इसके अगले दिन ही तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने यह घोषणा कर दी कि यह धमाका उल्का पिंड की वजह से हुआ था। साथ ही उन्होंने धमाके में मरने वाले व्यक्ति के परिवार को एक लाख और घायल व्यक्तियों को 25 हजार रुपये मुआवजे का ऐलान भी कर दिया। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि बस ड्राइवर की मौत सच में उल्का पिंड की वजह से ही हुई है तो यह इतिहास में दर्ज ऐसी पहली मौत होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

धमाके की जगह बन गया बड़ा गड्ढ़ा

Scientists question Tamil Nadu government's claim that meteorite blast killed bus driver in Vellore

इस धमाके में कॉलेज के एक बस ड्राइवर की मौत हो गई थी। इसके अलावा दो माली और एक छात्र घायल भी हुए थे। धमाके के वक्त कॉलेज में पढ़ाई हो रही थी जिसकी वजह से सारे छात्र, अध्यापक और कर्मचारी बिल्डिंग के अंदर थे। धमाके के वक्त बस ड्राइवर कामराज नल पर मुंह धुल रहा था जिसमें उसकी मौत हो गई। धमाके इतना जोरदार था कि कॉलेज की बिल्डिंग के शीशे टूट गए और पास में ही खड़ी गा़ड़ियों को भी भारी नुकसान पहुंचा।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जिस जगह पर धमाका हुआ वहां पर काफी बड़ा गड्ढ़ा बन गया। उस जगह से पुलिस ने एक काले रंग का पत्थर बरामद किया जो करीब 11 किलो वजनी था।

एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक इस पत्थर की जांच बेंगलुरू स्थित भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान के वैज्ञानिकों से कराया जाएगा जिसके इस बात कि पुष्टि हो सके कि यह उल्का पिंड के ही अवशेष हैं।

फाइनल रिपोर्ट का इंतजार

Scientists question Tamil Nadu government's claim that meteorite blast killed bus driver in Vellore

इसके अलावा बम स्क्वाड टीम ने मलबे की माइलापुर में स्थित क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में कराई। पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है जिससे इस बात की पुष्टि हो कि यह धमाका किसी विस्फोटक पदार्थ की वजह से हुआ था।

जांच दल के मुताबिक फिलहाल कामराज की फाइनल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ जाने के बाद ही इस बात की पुष्टि हो पाएगी कि आखिर उसकी मौत कैसे हुई। इस मामले की कई बड़ी संस्थाओँ से जांच की मांग की गई है और कई वैज्ञानिक भी मौके पर इसकी जांच कर रहे हैं।

मार्स ऑर्बिटर मिशन के प्रोजेक्ट के निदेशक वी आदिमूर्ति ने बताया कि 'अंतर्राष्ट्रीय उल्का संगठन द्वारा वर्ष 2016 के लिए जारी किए गए कैलेंडर में फरवरी माह में किसी तरह के उल्का वृष्टि की चर्चा नहीं की गई है।' कैलेंडर के मुताबिक पहला उल्का पात 3 जनवरी को हुआ था और अगला 22 से 23 अप्रैल के बीच होने की बात कही गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed