क्लासों में बच्चों को पढ़ाएंगे वैज्ञानिक
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के विभिन्न विभागों में काम कर रहे 5000 से अधिक वैज्ञानिक देश के स्कूल और कॉलेजों में छात्रों को शिक्षित करने के लिए अपना समय देंगे।
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि वैज्ञानिकों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे स्कूल और कॉलेजों में क्लास लें। मंत्री ने कहा कि इस बारे में फैसला शिक्षक दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छात्रों से संवाद में लिया गया।
छात्रों से संवाद में प्रधानमंत्री ने कहा था कि हममें से सभी को किसी न किसी तरह से शिक्षण से जुड़ना चाहिए। सिंह ने कहा कि हमें इसकी घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हम वैज्ञानिकों के लिए यह अनिवार्य करने जा रहे हैं कि वे स्कूल और कॉलेजों में औपचारिक क्लास लें।
वैज्ञानिक 12 घंटे लेक्चर देंगे
भारत जैसे देश के लिए यह एक नया विचार है। मंत्री ने कहा कि इस तरह के कार्य के लिए वैज्ञानिकों को कोई अतिरिक्त मानदेय नहीं किया जाएगा।
विज्ञान और प्रौद्योगिक मंत्रालय की 100 दिन की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए सिंह ने पत्रकारों से कहा कि भविष्य में इसे व्यवस्थित करने के क्रम में हमने सुझाव दिया है कि हर वैज्ञानिक कम से कम 12 घंटे लेक्चर क्लास को दें।
उन्होंने कहा कि इस नई पहल की समीक्षा के लिए मूल्यांकन सिस्टम भी बनाया जाएगा।