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साहित्यकारों के बाद वैज्ञानिक ने भी लौटाया पुरस्कार

Thu, 29 Oct 2015 04:39 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 29 Oct 2015 04:39 PM IST
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Scientist pushpmitra bhargava is returning his padmshree

देश में हो रही सांप्रदायिक घटनाओं और साहित्यकारों की हो रही हत्याओं के विरोध में पुरस्कार के लौटाने के क्रम में एक और नाम जुड़ गया है।

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इस बार ख्यातिलब्ध वैज्ञानिक पुष्पमित्र भार्गव ने पद्मश्री लौटाने की बात कही है। पुष्पमित्र को यह सम्मान 1986 में दिया गया था। पीएम भार्गव ने कहा कि देश पाकिस्तान बनने की ओर है।
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उन्होंने कहा कि आजादी छीनी जा रही है और इसके साथ-साथ वैज्ञानिकता पर चोट की जा रही है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक उन्होंने कहा देश के मौजूदा का हालात के खिलाफ युवा वैज्ञानिक भी अपनी आवाज उठाएंगे।
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अब मेरा कोई लगाव नहीं

Scientist pushpmitra bhargava is returning his padmshree

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब सरकार धर्म को एक संस्था का रुप प्रदान करने की ओर है ऐसे में मैंने अपना सम्मान लौटाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि इस सम्मान का मेरे जीवन में विशेष स्थान है लेकिन अब इस पुरस्कार से मेरा कोई लगाव नहीं है।

भार्गव सेंटर फॉर सेल्यूलर एंज मॉलिक्यूलर बॉयोलॉजी के संस्थापक निदेशक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह उनका व्यक्तिगत फैसला है।

बताते चले कि बीते मंगलवार देश के 135 वैज्ञानिकों ने ऑनलाइन याचिका राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भेजी है जिसमें कहा गया है कि देश में बढ़ती कट्टरता परमाणु बम की तरह खतरनाक है। इससे पहले बुधवार को फिल्मकारों ने भी विरोध जताते हुए अपने राष्ट्रीय पुरस्कार लौटाने का ऐलान किया है।

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