फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   schumacher giving response to family by his tears

आंसुओं के जरिए शूमाकर बयां कर रहे दिल का दर्द

Mon, 05 Jan 2015 08:10 AM IST
Updated Mon, 05 Jan 2015 08:10 AM IST
विज्ञापन
schumacher giving response to family by his tears

फॉर्मूला वन हो या फिर जिंदगी की रेस, हार मानना तो उसने सीखा ही नहीं है। हर रेस को जीतने का यही जज्बा तो है, जिसकी वजह से लंबे समय से कोमा में होने के बावजूद सात बार के विश्व चैंपियन माइकल शूमाकर जिंदगी की जंग से हार मानने को तैयार नहीं हैं। अच्छी खबर यह है कि वह जीवित हैं और चीजों को समझ भी रहे हैं। धीमी गति से ही सही, लेकिन उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।

विज्ञापन


इटली के एक अखबार ‘कोरेर डेला सेरा’ ने दावा किया है कि शूमाकर जब भी कोई जानी पहचानी आवाज सुनते हैं, तो उनकी आंखों से आंसू बहने लगते हैं। दिसंबर, 2013 में स्कीइंग दुर्घटना के बाद से कोमा में रहने वाले शूमाकर जब भी कभी अपनी पत्नी कोरिना, बेटी जीना मारिया और बेटे मिक की आवाज सुनते हैं, तो उनका दर्द छलक उठता है।
विज्ञापन


वह अभी भी हिलने-डुलने या बोलने में असमर्थ हैं, लेकिन उनकी आंखों से बहने वाले आंसू उनके दर्द को बयां करते हैं। जॉर्जियो टेरूजी ने इतालवी अखबार में लिखा है, ‘शूमी रोते हैं। वह जब भी अपनी पत्नी, बच्चों और अपने कुत्तों की आवाज सुनते हैं, तो उनकी आंखों से आंसू बहने लगते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

आंसू हैं उनके होश में होने का सबूत

schumacher giving response to family by his tears

जब भी कभी वह परिचित आवाज सुनते हैं, तो उस शांत कमरे में उनके दुबले पतले चेहरे पर एक आंसू दिखने लगता है। हम कह सकते हैं कि जिंदगी अभी भी बाकी है, जो आंसू की एक बूंद में बंद है। यह दिखाता है कि शूमाकर ने अभी हार नहीं मानी है।

हमारे पास उनके आंसू हैं, यह इसका सबूत है कि वह होश में हैं। उनका दिमाग काम कर रहा है।’ अखबार में आगे कहा गया है, ‘मजबूत चरित्र वाला यह व्यक्ति फिलहाल सिर्फ आंसुओं के माध्यम से ही अपनी संवेदना को प्रकट कर सकता है। वह भले ही अचल शरीर में कैद हैं, लेकिन वह जीवित हैं और चीजों को समझ सकते हैं।’

3 जनवरी को था शूमी का 46वां जन्मदिन

schumacher giving response to family by his tears

3 जनवरी को शूमाकर का 46वां जन्मदिन था और उनके परिवार ने स्विट्जरलैंड के ग्लैंड में उनके घर में ही शूमी के जन्मदिन को मनाया। पिछले साल जून से उनका इसी घर में इलाज चल रहा है।

स्कीइंग दुर्घटना में हुए थे घायल

29 दिसंबर, 2013 को माइकल शूमाकर अपने बेटे के साथ फ्रेंच एल्पस में स्कीइंग कर रहे थे। इसी दौरान वह एक पत्थर से टकरा गए और उनके सिर में गंभीर चोट लगी। इसके बाद वह छह महीने तक कोमा में रहे। पिछले एक साल से उनका परिवार समय-समय पर उनके स्वास्थ्य के बारे में बयान जारी करता रहता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed