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'पाक में बंद युद्धबंदियों की ताजा जानकारी दे केंद्र'

Wed, 24 Sep 2014 12:19 AM IST
Updated Wed, 24 Sep 2014 12:19 AM IST
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sc told to centre on Prisoner of war in pak.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को पाकिस्तान की जेलों में 43 साल से बंद युद्धबंदियों ताजा सूची मांगी है। साथ ही कोर्ट ने इनकी रिहाई के लिए सरकार की ओर से किए गए प्रयासों की भी जानकारी मांगी है।

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सुप्रीम कोर्ट ने विदेश मंत्रालय को छह सप्ताह के भीतर नया हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें 1985 में सरकार द्वारा तैयार की गई सूची की मौजूदा स्थिति के बारे में बताने को कहा है।
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इस सूची में सरकार ने स्वीकार किया था कि 54 भारतीय जवान पाक में युद्धबंदी हैं। उन्हें 1971 के युद्ध में बंदी बना लिया गया था।

चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि 54 युद्धबंदियों की सूची 29 साल पहले तैयार की गई थी। अब इस सूची की मौजूदा स्थिति का पता लगाना जरूरी है, क्योंकि हो सकता है कि इनमें से कुछ जीवित न हों।
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जेल में बंद युद्धबंदियों की मांगी सूची

sc told to centre on Prisoner of war in pak.

अदालत ने कहा कि सरकार नए हलफनामे में युद्धबंदियों की रिहाई के लिए 17 फरवरी, 2010 के बाद किए गए प्रयासों की भी जानकारी दे, क्योंकि इसके बाद का ऐसा कोई दस्तावेज नहीं है जिससे सरकार की ओर से किए गए प्रयासों की जानकारी मिल सके।

पाक की जेलों में एक भी युद्धबंदी नहीं होने संबंधी पाकिस्तान के दावों की जानकारी कोर्ट को दिए जाने को संज्ञान में लेते हुए पीठ ने कहा कि युद्धबंदियों की संख्या का अनुमान लगाने के लिए सरकार के पास विभिन्न तरीके हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के इस रुख को भी संज्ञान में लिया कि यह ऐसा मामला नहीं है, जिसे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में उठाया जाए। बेंच ने कहा कि ऐसे नाजुक, गंभीर और संवेदनशील मामले से निपटने के लिए सकारात्मक रवैया अपनाने की जरूरत है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट पाकिस्तानी जेलों में करगिल युद्ध के दौरान सौरव कालिया के साथ हुए बर्बरतापूर्ण व्यवहार और 2013 में पाकिस्तानी सेना द्वारा दो भारतीय सैनिकों का सिर काटने और युद्धबंदियों के मसले पर दायर तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।

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