सुप्रीम कोर्ट ने लगाई CBI निदेशक को जमकर फटकार
भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक रंजीत सिन्हा के घर पर रखे आगंतुकों की सूची को लेकर लगे आरोपों को 'गंभीर' बताया है।
सुप्रीम कोर्ट ने एक गैर सरकारी संगठन 'कॉमन कॉज' की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये बात कही। इस याचिका में कहा गया है कि सिन्हा ऐसी कंपनियों से जुड़े व्यक्तियों से मिले हैं जो 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले से संबंधित हैं।
अदालत ने एक हफ़्ते के भीतर सिन्हा से इन आरोपों पर लिखित जवाब मांगा है। इस मामले की कोर्ट में अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई निदेशक की इस दलील पर गंभीर आपत्ति जताई कि वे इन आरोपों पर कोई शपथपत्र दाखिल नहीं करेंगे और आरोपों का मौखिक जवाब ही देंगे।
'देना होगा शपथपत्र'
न्यायमूर्ति एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा, "आरोप गंभीर हैं और सीबीआई निदेशक यह नहीं कह सकते कि वह शपथपत्र दाखिल नहीं करेंगे।"
सिन्हा की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने दलील दी थी कि आरोपों पर शपथपत्र देने का मतलब 2जी स्पेक्ट्रम की जांच से संबंधित अहम तथ्यों को उजागर करना होगा।
इससे पहले, कॉमन कॉज की तरफ से वकील प्रशांत भूषण ने सीबीआई निदेशक के घर पर रखी आगंतुकों की सूची से संबंधित दस्तावेज बंद लिफाफे में कोर्ट में पेश किए।
हालांकि कोर्ट ने प्रशांत भूषण के इस आग्रह को नहीं माना कि यह मामला ख़त्म होने तक सीबीआई निदेशक को 2जी मामले की जांच में कोई फैसला लेने से रोका जाए।