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प्रदूषण आधुनिक जीवन का ‘शैतान’है :SC

Wed, 23 Sep 2015 11:34 PM IST
Updated Wed, 23 Sep 2015 11:34 PM IST
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SC seek different norms of sound pollution for residential areas in flight route

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि प्रदूषण आधुनिक जीवन का जरूरी ‘शैतान’है, यही सच्चाई है। कार, ट्रेन और विमान आज के जमाने के अभिन्न अंग हैं लेकिन इनसे फैलने वाले प्रदूषण की सीमा तय होनी चाहिए।

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न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ की पीठ ने पाया कि विमानों से भारी वायु प्रदूषण होता है लेकिन विमान आधुनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बन गए हैं।
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न्यायमूर्ति ठाकुर ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण आधुनिक जीवन का सबसे जरूरी ‘शैतान’है। पीठ ने पाया कि दिल्ली अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में ध्वनि की अधिकतम सीमा 55 डेसीबेल निर्धारित है।
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पीठ ने कहा कि विमानों के मार्ग के तहत आने वाले इलाकों में नि:संदेह ध्वनि का स्तर काफी होता है। पीठ ने आश्चर्य व्यक्त किया कि विमानों के मार्ग में आने वाले क्षेत्रों के लिए सरकार की ओर से ध्वनि की सीमा निर्धारित नहीं की गई है।

दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट एसोसिएशन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील केके वेणुगोपाल ने कहा कि एयरपोर्ट के आसपास स्थित औद्योगिक, व्यावसायिक, रिहायशी इलाकों के लिए ध्वनि का स्तर निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए बाकायदा सर्कुलर जारी किया गया है।

विमान के मार्ग में आने वाले क्षेत्रों की ध्वनि सीमा अलग हो

SC seek different norms of sound pollution for residential areas in flight route

इस पर पीठ ने कहा कि यह सर्कुलर तो अंतरिम व्यवस्था है। साथ ही पीठ ने कहा कि यह तो नागर विमानन निदेशालय का सर्कुलर है। पीठ ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण की सीमा सरकार को तय करनी चाहिए।

पीठ ने यह भी कहा कि विमान के मार्ग में आने वाले क्षेत्रों के लिए ध्वनि की सीमा अलग होनी चाहिए क्योंकि इन इलाकों में विमानों के कारण काफी शोर होता है। ध्वनि प्रदूषण की अधिकतम सीमा निर्धारित करने की जिम्मेदारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की है। अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी।

मालूम हो कि दिल्ली हाईकोर्ट ने वसंत कुंज इलाके में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत देते हुए कहा था कि रात के वक्त अत्यधिक शोर करने वाले विमानों की आवाजाही नहीं होनी चाहिए।

डायल ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। डायल का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के कारण विमानों की आवाजाही में परेशानी आ रही है।

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