फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   SC says any time demand from in laws would be dowry.

'ससुराल से कभी भी मांगो, होगा दहेज'

Mon, 16 Feb 2015 03:08 PM IST
Updated Mon, 16 Feb 2015 03:08 PM IST
विज्ञापन
SC says any time demand from in laws would be dowry.

अगर आप शादी के बाद अपने ससुरालवालों से कुछ मांग करते हैं तो ये दहेज की श्रेणी में आएगा। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान साफ किया कि शादी से पहले कुछ न मांगने वाले भी बाद में दहेज की मांग कर सकते हैं।

विज्ञापन


दहेज की खातिर पत्नी की जहर देकर हत्या करने और फिर उसे जला देने के आरोपी को मिली आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखते हुए कोर्ट ने यह टिप्पणी की।

जस्टिस एमवाई इकबाल और जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष की बेंच ने शादी से पहले दहेज की मांग न करने संबंधी दलील को खारिज कर दिया।

आरोपियों के वकील ने दलील दी थी कि शादी से पहले कोई मांग नहीं की गई थी इसलिए शादी के बाद दहेज मांगने का सवाल ही नहीं उठता। लेकिन कोर्ट ने कहा कि समाज में दहेज की कुरीति इस कदर फैली है कि इसकी मांग कभी भी की जा सकती है।
विज्ञापन

कभी भी हो सकती है दहेज की मांग

SC says any time demand from in laws would be dowry.

मामला उत्तराखंड के निवासी भीम सिंह और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ था। भीम सिंह की शादी मई, 1997 में प्रेमलता देवी से हुई थी।

शिकायत के मुताबिक शादी के बाद जब प्रेमलता ससुराल पहुंची तो दहेज नहीं लाने के कारण उसे न केवल प्रताड़ित किया जाने लगा। सितंबर, 1997 में विवाहिता की जहर देकर हत्या कर दी गई और शव को जला दिया गया।

कोर्ट ने पाया कि उपलब्ध सबूतों में तारतम्यता है और कोई कड़ी छूटी नहीं है, इसलिए आरोपियों को संदेह का लाभ नहीं दिया जा सकता।

ट्रायल कोर्ट ने भीम सिंह और उसके भाई को दहेज हत्या की धारा 304-बी, और क्रूरता की धारी 498-ए के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाया था। इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed