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'मर्जी से विधानसभा सत्र नहीं बुला सकते राज्यपाल'

Tue, 09 Feb 2016 05:57 AM IST
Updated Tue, 09 Feb 2016 05:57 AM IST
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sc said governer can not call Assembly session on theri own

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल जेपी राजखोवा अपनी मर्जी से राज्य का विधानसभा सत्र नहीं बुला सकते।

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राज्यपाल ने सियासी संकट से जूझ रहे कांग्रेस के नेतृत्व वाली नबाम टुकी सरकार का बहुमत साबित करने के लिए विधानसभा सत्र लगभग एक महीने आगे करने का निर्णय किया था।

जस्टिस जेएस खेहड़ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा, ‘राज्यपाल अपनी मर्जी से विधानसभा सत्र नहीं बुला सकते। अरुणाचल प्रदेश में यह मामला नहीं उठना चाहिए क्योंकि हम शुरुआत से यही बात कह रहे हैं।’
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जब्त दस्तावेजों की सूची दें केंद्र

sc said governer can not call Assembly session on theri own

मालूम हो कि अभी अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर टुकी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हुआ तो इसमें कुछ भी गलत नहीं था।

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ मंगलवार को संविधान के तहत राज्यपाल को मिले कुछ खास अधिकारों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से अरुणाचल प्रदेश के अपदस्थ मुख्यमंत्री नबाम टुकी और उनके मंत्रिमंडल केसदस्यों के दफ्तरों से जब्त दस्तावेजों की सूची देने के लिए कहा है। मालूम हो कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने केबाद दस्तावेजों को जब्त करने की कार्रवाई की गई थी।

दस्तावेज लाखों पन्नों के हैं

sc said governer can not call Assembly session on theri own

इससे पहले शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से जब्त किए गए दस्तावेजों की प्रति पूर्व मुख्यमंत्री और उनकेमंत्रियों को देने का आदेश दिया था।

न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि दस्तावेज लाखों पन्नों के हैं, संभव है कई दस्तावेज काम के नहीं होंगे या उनसे संबंधित नहीं होंगे। इस पर पीठ ने कहा कि आप यह नहीं कह सकते कि जब्त दस्तावेज उनकेकाम के हैं या नहीं।

पीठ ने अटॉर्नी जनरल से जब्त किए गए दस्तावेजों की सूची देने के लिए कहा है। पीठ ने कहा कि सूची देखने केबाद पूर्व मुख्यमंत्री और उनके मंत्री बताएंगे कि कौन से दस्तावेज उनके काम के नहीं हैं।

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