स्नूपगेट मामले में PM मोदी को राहत!
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गुजरात के निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला बुधवार के लिए सुरक्षित रख लिया है। हालांकि सर्वोच्च अदालत ने शर्मा से कहा कि नरेंद्र मोदी से जुड़े स्नूपगेट मसले पर सवाल नहीं उठाएं।
इससे संबंधित अंशों को हटाने का आदेश अदालत पहले ही कर चुकी है। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई और एनवी रमण की बेंच ने सुनवाई शुरू होते ही शर्मा के वकील से कहा कि वह स्नूपगेट का मसला नहीं उठाएं।
वह सिर्फ यह बताएं कि गुजरात पुलिस ने याचिकाकर्ता के खिलाफ किस तरह से एकतरफा कार्रवाई की।
बेंच ने यह भी कहा कि किसी शख्सियत या सत्ता परिवर्तन से उसका कोई लेना-देना नहीं है। अदालत सिर्फ नियमों के मुताबिक चलेगी। किसी दल के सत्ता में आने या किसी के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता।
'स्नूपगेट मसला नहीं उठाए याचिकाकर्ता'
बेंच ने कहा कि याची ने नरेंद्र मोदी से संबंधित अंशों को याचिका से हटाने का आश्वासन दिया था। भारतीय प्रशासनिक सेवा के इस अधिकारी के खिलाफ राजकोट क्षेत्र में 2008 से भूमि घोटाले में उसकी कथित संलिप्तता सहित पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं।
शर्मा चाहते हैं कि उनके मामले सीबीआई को जांच के लिये सौंप दिये जायें। सुनवाई की पिछली तारीख पर नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत जीवन से संबंधित अंशों को निकालने की बजाय और अधिक आक्षेप लगाये जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने शर्मा को निर्देश दिया था कि उसके 12 मई, 2011 के निर्देश का अनुपालन किया जाये। अदालत ने कहा था कि संशोधित याचिका उसके निर्देशों के अनुरूप होनी चाहिए थी और उन्हें मोदी पर व्यक्तिगत आरोप लगाने संबंधी बयानों को हटाना चाहिए था।