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दुर्गाशक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप से इनकार

Fri, 16 Aug 2013 03:19 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 16 Aug 2013 03:19 PM IST
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sc rejects plea on durgashakti suspension case

आईएएस अधिकारी दुर्गाशक्ति निलंबन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी है।

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सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि वह (दुर्गाशक्ति) अपना बचाव खुद कर सकती हैं, वह उचित फोरम में जाकर मामला उठा सकती हैं।

साथ ही कोर्ट ने कहा कि अगर दुर्गाशक्ति स्वयं इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपील करती हैं तो उस पर विचार किया जाएगा।

दुर्गा पर और सख्त हुई यूपी सरकार, पति का भी तबादला
दुर्गाशक्ति नागापल के निलंबन के खिलाफ वकील मनोहरलाल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने यूपी सरकार द्वारा किए गए निलबंन को रद्द करने की मांग की गई थी।
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मोहनलाल कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सार्वजनिक जगहों पर धार्मिक स्थलों का निर्माण अवैध है, निर्माण होने की दशा में उसे ध्वस्त कर दिया जाएगा। दुर्गाशक्ति इसी आदेश का पालन कर रही थीं जिसके चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया।
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अवैध खनन के खिलाफ दुर्गा की मुहिम पर केंद्र की मुहर
आईएएस दुर्गाशक्ति को 27 जुलाई को गौतमबुद्ध नगर एसडीएम के पद से उत्तर प्रदेश सरकार ने निलंबित कर दिया था। उन पर रमजान के महीने में नोएडा के कादलपुर गांव में मस्जिद की दीवार गिराकर सांप्रदायिक सदभाव बिगाड़ने का आरोप लगाया गया है।


सरकार का कहना है कि धार्मिक स्थल की दीवार गिराने का आदेश देने में उन्होंने दूरदर्शिता का परिचय नहीं दिया। उनके आदेश से सांप्रदायिक माहौल बिगड़ सकता था।

फजीहत के बाद डैमेज कंट्रोल में जुटी यूपी की अखिलेश सरकार

इस मामले पर अखिलेश सरकार की चौतरफा आलोचना हुई थी। यूपी के विपक्षी दलों ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया था। इतना ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री को चिट्ठी भेजने के बाद समाजवादी पार्टी सरकार और केंद्र सरकार के बीच भी ठन गई थी।

विपक्षी दलों का कहना था कि दुर्गाशक्ति के इलाके में सक्रिय बालू माफिया पर कार्रवाई करने के चलते उन्हें निलंबित किया गया है। साथ ही बाद में डीएम की जांच रिपोर्ट में भी दुर्गाशक्ति पर लगे आरोपों को गलत बताया गया था।

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