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संजय दत्त की याचिका पर सुनवाई टली
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 16 Apr 2013 02:18 PM IST
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मुंबई धमाकों में गैरकानूनी हथियार रखने के दोषी ठहराए गए बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त की गिरफ्तारी टालने की याचिका पर सुनवाई कल तक के लिए टल गई है। जबकि कोर्ट ने जैबुनिशा अनवर काजी समेत मुंबई धमाके के तीन दोषियों की याचिका रद्द कर दी है।
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इन्होंने भी गिरफ्तारी टालने के लिए याचिका दाखिल की थी।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई धमाकों में गैरकानूनी शस्त्र रखने के जुर्म में दोषी जैबुनिशा अनवर काजी को पांच साल की कैद की सजा सुनाई है, जबकि इश्हाक मोहम्मद और शरीफ अब्दुल गफ्फार के लिए उम्रकैद मुकर्रर की गई है।
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तीनों ने जस्टिस मार्कंडेय काटजू की ओर से राष्ट्रपति से उनके लिए की गई क्षमा याचना के निपटारे तक जेल न भेजे जाने की मांग की थी।
फिल्म अभिनेता संजय दत्त ने भी अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट से आत्मसमर्पण की अवधि को छह माह बढ़ाने की मांग की है। ताकि वह इस दौरान अपनी अधूरी फिल्मों को पूरा कर सकें।
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संजय दत्त ने सर्वोच्च अदालत में दायर याचिका में कहा है कि पुलिसगिरी, जंजीर, शेर, उंगली, पी.के, वसूली, द्वंद्व फिल्में अभी पूरी नहीं हुई हैं।
इन फिल्मों पर 278 करोड़ रुपये दांव पर लगे हैं जिनके पूरा न होने की स्थिति में सिर्फ आवेदक को नहीं, बल्कि अन्य लोगों को भारी नुकसान होगा।
समर्पण के लिए छह माह का वक्त दिए जाने के लिए वह अदालत की सभी शर्तें मानने को तैयार हैं।
सिनेस्टार ने कहा है सर्वोच्च अदालत का फैसला आने के बाद से उन्होंने कोई नई फिल्म नहीं साइन की है। लेकिन अधूरी फिल्मों को पूरा करने के लिए उन्हें 196 दिन का समय चाहिए।
आवेदन में कहा गया है कि इस आपराधिक मामले के सिवा उनके खिलाफ कोई अन्य मामला नहीं है। वह समाज के हितकर नागरिक हैं। उनकी ओर से जरूरतमंद लोगों के लिए दान भी दिया जाता है। कई गरीब परिवारों के बच्चों की आजीवन पढ़ाई के खर्च का जिम्मा भी उन्होंने ले रखा है।
संजय ने कहा है कि एड्स के मरीजों के लिए कार्य करने वाले एनजीओ सेव द चिल्ड्रन फाउंडेशन के वह निदेशक भी हैं। इनके अलावा नरगिस दत्त कैंसर फाउंडेशन के वह चेयरमैन भी हैं।
उन्होंने सुनामी पीड़ितों के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष को कई करोड़ रुपये दान किए। साथ ही कारगिल शहीदों की विधवाओं और सीएनजी बस ब्लास्ट के पीड़ितों के लिए भी धन जुटाया।
मुन्नाभाई फिल्म का जिक्र करते हुए सिनेस्टार ने कहा है कि उनके अभिनय वाली इस फिल्म ने देश को गांधीगिरी सिखाई। इस फिल्म को संसद में भी देखा गया।
संजय दत्त को कोर्ट में ही करना होगा सरेंडर
संजय दत्त की कोर्ट के बजाय जेलर के सामने सरेंडर करने की अनुमति देने की अपील टाडा अदालत ने खारिज कर दी है। सोमवार को उनके वकील ने टाडा अदालत से मौखिक अपील की कि दत्त को जेल प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण करने की अनुमति दी जाए।
लेकिन टाडा कोर्ट के जज जीए सनाप ने यह अपील खारिज करते हुए कहा कि सरेंडर के दौरान सत्यापन और आरोपी की पहचान समेत कई प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं।
वहीं, कोर्ट ने तीन अन्य दोषियों मोहम्मद कासम लाजपुरिया, दादा शरीफ पारकर और इसाक हजवानी की समर्पण करने के लिए और मोहलत देने की अपील भी खारिज कर दी।
21 मार्च को कोर्ट ने सुनाया था फैसला
सर्वोच्च अदालत ने 21 मार्च को मुंबई धमाके के दोषियों याकूब मेमन को फांसी, तैंतीस दोषियों को उम्रकैद और बाकी की सजा को बरकरार रखा था।
बीस साल पहले हुए सीरियल बम ब्लास्ट की घटनाओं में 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे।
सीबीआई के अनुसार जनवरी और फरवरी में रायगढ़ जिले के दिघी और शेखाड़ी तट पर पाकिस्तान से नावों में भरकर आरडीएक्स लाया गया था।
इसके अलावा इसमें हथियार भी थे, जो टाइगर मेमन के आदमियों को मिले थे।