गंगा की सफाई पर सुप्रीम कोर्ट हुआ सख्त
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काले धन के मामले पर घिरी केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने गंगा प्रदूषण के मुद्दे पर आड़े हाथों लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने गंगा किनारे स्थित उन उद्योगों के खिलाफ, जो गंगा में गंदगी फैला रहे हैं, कार्रवाई न करने के कारण केंद्र और राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को फटकार लगाई है।
गंगा की सफाई के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार की पहले भी आलोचना कर चुका है। पखवाड़े भर पहले कोर्ट ने गंगा सफाई को लेकर चरणबद्ध कार्यक्रम पेश नहीं किए जाने पर केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी।
उस समय कोर्ट ने कहा था कि सरकार को गंगा की सफाई के लिए मेट्रो मैन श्रीधरन जैसे किसी विशेषज्ञ की मदद लेने की जरूरत है।
केंद्र को पहले भी लगा चुका है फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने तब कहा था कि सरकार के पास ऐसी दृष्टि ही नहीं है कि वे गंगा की सफाई कर सके। सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि बहुत साल गुजर चुके हैं लेकिन गंगा की पवित्रता को लौटाया नहीं जा सका है। सरकार के लक्ष्य में दूरदर्शिता की कमी दिखाई दे रही है।
वहीं, गंगा की सफाई के मामले में एक कदम आगे बढ़ते हुए केंद्र सरकार ने मंगलवार को गंगोत्री से गंगासागर तक इसे प्रदूषित करने वाले नालों की गंदगी को नदी में गिरने से पूरी तरह रोकने का फैसला लिया।
केंद्र सरकार ने कहा कि अगले 45 दिनों में करीब 140 नालों की गंदगी को गंगा में गिरने से रोकने का काम शुरू हो जाएगा। केंद्र ने गंगा किनारे अस्थि विसर्जन पर भी पाबंदी लगा दी थी। हालांकि बाद में जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने इससे इनकार कर दिया था।