आसाराम की मुसीबत जारी, SC ने खारिज की जमानत याचिका
मंगलवार को गुजरात रेप केस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की जमानत याचिका खारिज कर दी।
बीमारी के आधार पर बनाई गई इस जमानत याचिका की सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को एक मेडिकल बोर्ड बनाने को निर्देश दिए हैं। यह मेडिकल बोर्ड आसाराम की बीमारी के विषय में जांच-पड़ताल करेंगा।
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि इस विषय में सभी तरह की जांच करके 23 सितंबर को एक रिपोर्ट पेश की जाए।
अस्पताल में हुए थे भरती
जोधपुर जेल में बंद आसाराम कुछ समय पहले अपने खराब स्वास्थ के चलते अस्पताल में भरती हुए थे।
आसाराम, 72, इस समय 16 साल की एक लड़की से यौश शोषण के मामले में जेल में बंद हैं। पीड़िता ने 20 अगस्त 2013 को आसाराम के खिलाफ जोधपुर में यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था।
सुप्रीम कोर्ट के जमानत याचिका खारिज करने के बाद आसाराम को जेल में ही रहना होगा। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक जब तक मेडिकल बोर्ड इस विषय में कोई रिपोर्ट पेश नहीं कर देता तब तक जमानत की कोई कार्यवाई नहीं की जाएगी।
एम्स में होगा इलाज
इसके अलावा आसाराम का इलाज अब दिल्ली एम्स में होगा और आसाराम ने भी इलाज करवाने पर सहमति जता दी है। आसाराम जब से जेल में भर्ती हुए हैं, तभी से ही त्रिनाड़ी शूल बीमारी से पीडि़त हैं।
इस बीमारी के कारण उन्हें रात में नींद नहीं आती है। चिकित्सकों ने इसके इलाज के लिए आसाराम को गामा नाइफ सर्जरी की सलाह दी है। यह सर्जरी दिल्ली के एम्स में होगी। पहले सर्जरी के लिए आनाकानी कर रहे आसाराम भी सर्जरी के लिए मान गए हैं।
सर्जरी की सलाह
आसाराम नाबालिग से दुष्कर्म मामले में अभी जोधपुर केन्द्रीय कारागार में बंद हैं।
उन्हें जांच के लिए एक दिन पूर्व सोमवार को कारागार से मथुरादार अस्पताल ले जाया गया था। उन्होंने चिकित्सकों से कहा था कि उन्हें त्रिनाड़ी शूल बीमारे के कारण नींद नहीं आ रही है और यदि आती भी है, तो शीघ्र टूट जाती है। उनका कहना था कि वे पर्याप्त और लम्बी नींद नहीं ले पा रहे।
आसाराम ने न्यूरो सर्जन डॉ. सुनील गर्ग को बताया कि आसाराम को गामा नाइफ सर्जरी की सलाह दी। आसाराम को दिल्ली रेफर किया जाएगा।