अयोध्या में अस्थाई राम मंदिर की मरम्मत को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में बने अस्थाई रामलला के मंदिर में हल्की मरम्मत के लिए मंजूरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मरम्मत का कार्य वहां हो सकेगा जहां रामलला की मूर्तियां हैं।
इस कार्य को फैजाबाद के कलेक्टर और दो स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की निगरानी में कराए जाने की मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही अदालत ने आदेश दिया अयोध्या के अस्थाई मंदिर की देखभाल स्थानीय प्रशासन करेगा।
गौरतलब है कि रामलला टेंट के अंदर ही विराजमान है, लेकिन यह टेंट कई जगहों से फट चुका है। पिछले छह माह से रामलला इसी प्रकार विराजमान हैं। इससे पहले तिरपाल जुलाई, 2014 में ही बदला गया था।
सुब्रमण्यम स्वामी ने दी अर्जी
सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की अर्जी पर दिया है। स्वामी ने अपनी अर्जी में कहा था कि तीर्थयात्री पीने का पानी व शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं।
केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार की अपर्याप्त व्यवस्था से तीर्थयात्रियों को कठिनाई होती है।
इस पर कोर्ट ने दोनों सरकार को इस मसले पर ध्यान देनें को कहा है।