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पंचायत चुनाव में आरक्षित सीटों को लेकर यूपी सरकार को नोटिस

Thu, 01 Oct 2015 08:01 PM IST
Updated Thu, 01 Oct 2015 08:01 PM IST
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SC notice to UP govt over Panchayat Election reserved seat issue

उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के लिए राज्य सरकार द्वारा सर्वेक्षण कर आरक्षित कोटे के लिए सीटें आवंटित करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।

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याचिका में कहा गया है कि आरक्षित कोटे के लिए सीटें आवंटित करने का अधिकार राज्य सरकार को नहीं है। हालांकि शीर्ष अदालत ने राज्य में जारी पंचायत चुनावों की प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने से फिलहाल इनकार किया है। न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार को सोमवार तक इस संबंध में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
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याचिका ज्योति श्रीवास्तव और धर्मेंद्र कुमार मिश्रा द्वारा दाखिल की गई है। याचिका में राज्य सरकार द्वारा 21 सितंबर को जारी अधिसूचना को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार को आरक्षित कोटे के लिए सीटों को आवंटित करने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार केंद्र सरकार के पास है, बावजूद इसके यूपी सरकार ने ऐसा किया है।
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साथ ही याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि पंचायत चुनाव में 50 फीसदी से अधिक सीटें आरक्षित कर दी गई हैं, जो असंवैधानिक है।

न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मसले पर अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी को यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि पंचायत चुनाव के लिए राज्य सरकार को सर्वेक्षण कर आरक्षित कोटे के लिए सीटें आवंटित करने का अधिकार है या नहीं।

अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम किया

SC notice to UP govt over Panchayat Election reserved seat issue

इससे पहले याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि आरक्षित कोटे के लिए सीटों का आवंटन और सीटों के परिसीमन का अधिकार राज्य चुनाव आयोग के पास है न कि राज्य सरकार के पास।

राज्य सरकार ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम किया है। याचिका हाईकोर्ट के उस अंतरिम आदेश के खिलाफ दाखिल की गई है जिसमें अधिसूचना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में यह गुहार की गई है कि हाईकोर्ट को 15 दिनों के भीतर उनकी याचिका का निपटारा करने का निर्देश दिया जाए। मालूम हो कि पहले चरण में होने वाले मतदान के लिए नामांकन भी भरे जा चुके हैं।

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