फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   sc notice to centre on pil to make ib, raw accountable to parliament

खुफिया एजेंसियों को जवाबदेह बनाने की मांग पर केंद्र को नोटिस

Mon, 11 Feb 2013 09:44 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Mon, 11 Feb 2013 09:44 PM IST
विज्ञापन
sc notice to centre on pil to make ib, raw accountable to parliament

सुप्रीम कोर्ट ने देश की खुफिया एजेंसी रॉ, एनटीआरओ और आईबी को संसद के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए दायर याचिका पर सोमवार को केंद्र सरकार से जवाब तलब किया।

विज्ञापन


चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने गैरसरकारी संगठन सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन की जनहित याचिका पर संक्षिप्त सुनवाई के बाद केंद्र के साथ ही इन तीन खुफिया एजेंसियों से भी जवाब तलब किया। इन सभी को छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा गया है।
विज्ञापन


पीठ ने अटॉर्नी जनरल जी. ई. वाहनवती से इस मामले में मदद का आग्रह किया है। गैर सरकारी संगठन ने न्यायालय से गुहार लगाई है कि विदेशों की तरह ही भारत में रॉ, गुप्तचर ब्यूरो और एनटीआरओ के वित्तीय कामकाज का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक से ऑडिट कराया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


संगठन का आरोप है कि राजनीतिक हितों की खातिर इन खुफिया एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। इसलिए इन्हें संसद के प्रति जवाबदेह बनाने की आवश्यकता है। पीठ के समक्ष अधिवक्ता अनिल दीवान और प्रशांत भूषण ने एक फरवरी को अदालत में तर्क दिया था कि भारत एकमात्र ऐसा लोकतांत्रिक देश है जिसकी खुफिया एजेंसियों की कानून की नजर में कोई वैधता नहीं है। वे देश की जनता या संसद के प्रति जवाबदेह नहीं हैं।


शीर्षस्थ अदालत ने उस दिन स्पष्ट किया था कि यह नीतिगत मसला है जिसके बारे में केंद्र को ही निर्णय करना होगा। मगर दीवान और भूषण के तर्क सुनने के बाद अदालत इस पर विचार के लिए सहमत हो गई थी। पीठ के समक्ष दीवान और भूषण ने कहा कि पहले भी नीतिगत मामलों में अदालत ने निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed